चलचित्रम राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव-2025: ज्योति चित्रबन में लगा सिनेमा का सांस्कृतिक महाकुंभ

सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार
गुवाहाटी। असम की सांस्कृतिक नगरी गुवाहाटी के हृदयस्थल ज्योति चित्रबन फिल्म स्टूडियो में नौवें चलचित्रम राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (CNFF-25) का धूमधाम से आयोजन हुआ! इस अवसर पर दीपों की ज्योति संग प्रज्ज्वलित हुआ सांस्कृतिक संदेश!

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के असम क्षेत्र प्रचार प्रमुख डॉ. सुनील मोहंती ने भारत माता के पावन चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर असम के तीन महान सांस्कृतिक हस्तियों- भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका, लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग और बांसुरी वादक दीपक शर्मा को भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। डॉ. भूपेन हजारिका की जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विशेष आयोजन किया गया। जुबिन गर्ग को समर्पित उनकी फिल्म ‘मोन जाई’ का विशेष प्रदर्शन भी महोत्सव के उद्घाटन सत्र में किया गया।

“सिनेमा का असली मिशन – राष्ट्रनिर्माण!”
डॉ. सुनील मोहंती का संबोधन पूरे सभागार में गूंजा:”
सिनेमा का जादू केवल तालियों और टिकटों के लिए नहीं!
यह वह शक्ति है जो:
राष्ट्रीय गौरव को जाग्रत करे,
हजारों वर्षों की सभ्यता को संजोये
सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाये!”
चलचित्रम की पहल पर डॉ. मोहंती ने खुलकर प्रशंसा की।
उन्होंने कहा, “सिनेमा जैसा शक्तिशाली माध्यम केवल मनोरंजन और व्यापार के लिए नहीं होना चाहिए।” उन्होंने जोर देकर कहा कि सिनेमा का सबसे बड़ा दायित्व है- ✦ राष्ट्रीयता की भावना को मजबूत करना
✦ हजारों वर्ष पुरानी भारतीय सभ्यता को संरक्षित करना
✦ सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाना

डॉ. मोहंती ने चलचित्रम की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ‘हमारा गौरव, हमारा अभिमान’ विषयक लघु फिल्मों के माध्यम से सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाना, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक चेतना और पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देना संभव हो सकेगा।

30 से अधिक लघु फिल्मों का प्रदर्शन
विश्व संवाद केंद्र-असम के सहयोगी संगठन चलचित्रम की ओर से आयोजित इस दो दिवसीय महोत्सव में 30 से अधिक लघु फिल्में और वृत्तचित्र शामिल हैं।

फिल्म श्रेणियां:
श्रेणी
विवरण
प्रतिस्पर्द्धी
उत्तर-पूर्वी फिल्म निर्माताओं के लिये
गैर-प्रतिस्पर्द्धी
विशेष प्रदर्शन

उद्घाटन और समापन फिल्में
फिल्म
निर्देशक
विशेषता
अहं भारतम्
भारत बाला
उद्घाटन फिल्म
द फर्स्ट फिल्म
पीयूष ठाकुर
समापन फिल्म (30 नवंबर)

गरिमामय चयन प्रक्रिया
महोत्सव के लिए फिल्मों का चयन पूर्व प्रीव्यू समिति ने किया, जिसमें शामिल थे: झूलन कृष्ण महंत – पुरस्कार विजेता निर्देशक
बिभू दत्ता – वरिष्ठ फिल्म निर्माता
हितेन ठकुरिया – ख्यातनाम सिनेमेटोग्राफर

CNFF सचिव भगवत प्रीतम ने बताया कि इन विशेषज्ञों ने उत्कृष्ट फिल्मों का चयन कर महोत्सव को सशक्त बनाया है। विजेता चयन के लिए ख्यातिनाम जूरी
विजेता फिल्मों का चयन करने वाली जूरी पैनल में हैं:
नाम
विशेषज्ञता
विजयकृष्णन
प्रसिद्ध फिल्म निर्माता, आलोचक, लेखक
मैपकसाना हौरोंग्बम
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता
देबजित गयान
प्रमुख साउंड डिजाइनर और मिक्सर।

CNFF-25 का महत्व

यह महोत्सव न केवल उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के युवा फिल्म निर्माताओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करता है, बल्कि भारतीय संस्कृति के संरक्षण और राष्ट्रीय एकता के संदेश को भी सिनेमा के माध्यम से प्रसारित करता है।

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