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हिमयुग के दौरान एशिया में कांटेदार बांस की मौजूदगी का पहला प्रमाण

37000 वर्ष पुराने काँटेदार बाँस का जीवाश्म मणिपुर में मिला

सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार
इम्फाल। उत्तर-पूर्व भारत के हरे-भरे राज्य मणिपुर ने एक बार फिर वैज्ञानिक जगत को चकित कर दिया है। यहां इम्फाल घाटी में चिरांग नदी के किनारे खुदाई के दौरान वैज्ञानिकों को 37,000 साल पुराना बांस का जीवाश्म मिला है। यह एशिया का अब तक का सबसे पुराना कांटेदार बांस का नमूना माना जा रहा है, जो हिमयुग (आइस एज) के दौरान पौधों की उत्तरजीविता के रहस्य खोलने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पेलियोसाइंसेज (बीएसआईपी), लखनऊ के वैज्ञानिकों की टीम ने इस दुर्लभ खोज को अंजाम दिया। जीवाश्म एक बांस के तने का है, जिस पर प्राचीन कांटों के निशान साफ-साफ दिखाई दे रहे हैं। कार्बन डेटिंग से इसकी आयु 37,000 वर्ष निर्धारित की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज साबित करती है कि हिमयुग के दौरान जब यूरोप और अन्य ठंडे क्षेत्रों में बांस जैसी प्रजातियां विलुप्त हो गईं, वहीं मणिपुर जैसे गर्म और नम इलाकों ने इन्हें शरण दी।

हिमयुग के दौरान धरती का औसत तापमान आज से 6-8 डिग्री सेल्सियस कम था। उत्तरी भारत में हिमालय पर भारी ग्लेशियर थे, पर उत्तर-पूर्व भारत और इंडो-बर्मा क्षेत्र में ऊँची पहाड़ियाँ, भारी वर्षा और अपेक्षाकृत गर्म-नम घाटियाँ होने से यहाँ “रिफ्यूजिया” (शरणस्थली) बने रहे। इन्हीं क्षेत्रों में बाँस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई:
जब बाकी एशिया-यूरोप में जंगल सिकुड़ गए, तब मणिपुर जैसे छोटे-छोटे गर्म-नम क्षेत्रों में बाँस ने घना कवर बनाया।
यह कवर हाथी, गैंडा, हिरण, बंदर, पक्षियों और छोटे स्तनधारियों को आश्रय और भोजन देता रहा।

खोज का विवरण
– स्थान: इम्फाल पश्चिम जिला, चिरांग नदी तट (23.83°उ.-25.68°उ. अक्षांश, 93.03°पू.-94.78°पू. देशांतर)
– प्रजाति: Chimonobambusa manipurensis (काँटेदार बाँस जीनस)

– संरक्षण स्थिति: तना, गांठें, कली एवं काँटों के निशान पूर्णतः संरक्षित; सूक्ष्मदर्शी विश्लेषण से पुष्टि।

यह जीवाश्म हिमयुग के कठोर जलवायु में भी एशिया के वर्षावनों में बाँस की निरंतरता का प्रमाण है। यूरोप जैसे क्षेत्रों में बाँस विलुप्त हो गया था, लेकिन इंडो-बर्मा जैव विविधता हॉटस्पॉट ने इसे शरण दी। काँटेदार संरचना शाकाहारी जीवों से रक्षा का प्राचीन तंत्र दर्शाती है।

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