सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार
गुवाहाटी। गुवाहाटी में आज, रविवार को हुए देश के दूसरे और सबसे बड़े, दुश्मन देश चीन की सीमा से लगे, पूर्वोत्तर भारत के पहले एयर शो को देखने को ब्रह्मपुत्र के आर-पार लगभग 15 किमी इलाके में तिल धरने की भी जगह नहीं बची। 20 लाख से अधिक लोगों ने सीधे देखा। लगभग पूरा गुवाहाटी नगर रविवार को पांच घंटे के लिये घरों से बाहर आ गया।
ऊपर आसमान पर भारतीय वायुसेना की ताकत का एक अहसास कराते सुखोई और दूसरे लड़ाकू विमानों एवं हेलिकॉप्टरों (कुल मिलाकर 150) के डिग्गी हैरतअंगेज प्रदर्शन ने लोगों को प्रबल राष्ट्रभक्ति से भर दिया। वहीं 90 डिग्री से लेकर 360 डिग्री तक के गोते लगाते और तीन, चार के फार्मेशन बना कर उड़ते, अचानक एक ही जगह से बिजली की-सी तेजी से यूं टर्न लेते विमानों को देख सांसें रुक जाती थीं।
पूर्वोत्तर भारत के पहले और देश के दूसरे सबसे बड़े एयर शो ने आज गुवाहाटी को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया। चीन की सीमा से सटे इस रणनीतिक शहर में ब्रह्मपुत्र के दोनों किनारों पर 15 किलोमीटर तक फैले मैदान में तिल रखने की जगह नहीं बची।
अनुमानित 20 लाख से अधिक लोग प्रत्यक्षदर्शी बने, जबकि पूरा शहर पांच घंटे के लिए घरों से बाहर उमड़ पड़ा।आसमान में भारतीय वायुसेना की शक्ति का भव्य प्रदर्शन हुआ। सुखोई-30 एमकेआई सहित कुल 150 लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टरों ने करतब दिखाए। 90 डिग्री से 360 डिग्री तक के गोते, तीन-चार के फॉर्मेशन में उड़ान, बिजली-सी तेजी से एक ही जगह पर टर्न – हर दृश्य ने दर्शकों की सांसें थाम लीं।
यह आयोजन महज मनोरंजन नहीं, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्र में राष्ट्र की ताकत का संदेश था। चीन और बांग्लादेश की सीमाओं से घिरे इस क्षेत्र में वायुसेना का यह प्रदर्शन दुश्मनों को स्पष्ट चेतावनी था – भारत की सीमाएं अजेय हैं।दर्शकों में बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं – सभी राष्ट्रगान गाते, तिरंगा लहराते नजर आए। ब्रह्मपुत्र की लहरें भी जैसे तालियां बजा रही थीं। यह एयर शो पूर्वोत्तर को मुख्यधारा से जोड़ने और युवाओं में वायुसेना के प्रति आकर्षण जगाने का सफल प्रयास साबित हुआ।वायुसेना के जवानों ने कहा, “यह हमारी तैयारी का प्रदर्शन है, लेकिन असली ताकत तो जनता के इस समर्थन में है।”