मणिपुर में फिर गूंजीं गोलियां: चूराचंदपुर के जंगलों में सेना ने ढेर किए 4 कुकी उग्रवादी, AK-47-ग्रेनेड बरामद; तनाव चरम पर!
सत्यनारायण मिश्र
इंफाल। मंगलवार तड़के लगभग 3 बजे… घने जंगलों में अचानक चलीं दर्जनों गोलियां… और फिर सन्नाटा! मणिपुर के चूराचंदपुर जिले के खनपी गांव में सेना और कुकी उग्रवादियों के बीच 45 मिनट की भीषण मुठभेड़ में 4 खूंखार उग्रवादी मारे गए। सेना का एक जवान भी घायल हुआ है। मौके से AK-47, इंसास राइफलें, ग्रेनेड लॉन्चर और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद। ये उग्रवादी यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (UKNA) के थे – वही संगठन जो SoO समझौते से बाहर है और पिछले 2 साल से खौफ का पर्याय बना हुआ है!
क्या हुआ तड़के?
समय- रात 2:45 बजे
असम राइफल्स को मिली खुफिया सूचना – UKNA के 8-10 उग्रवादी खनपी जंगल में कैंप डाले हैं।
3:00 बजे सेना की स्पेशल फोर्स ने घेराबंदी की। उग्रवादियों ने पहले फायरिंग शुरू की।
3:05-3:50 बजे दोनों तरफ से ताबड़तोड़ गोलीबारी। जंगल में धुएं का गुबार।
3:55 बजे 4 उग्रवादी ढेर। बाकी भाग निकले।
सेना का बयान: “बिना उकसावे के हमला किया गया। जवाबी कार्रवाई में 4 आतंकी मारे गए। कोई नागरिक हताहत नहीं।”
इस बीच केंद्रीय सूत्रों के मुताबिक सरकार उग्रवादी संगठनों के साथ SoO समझौते की समीक्षा कर रही है। UKNA को बैन करने की तैयारी के संकेत भी मिले हैं। सेना का सर्च ऑपरेशन – जंगलों में कॉम्बिंग।
गांव के एक व्यक्ति ने बताया कि– “रात में गोलियों की आवाज से पूरा गांव जाग गया। बच्चे रो रहे थे। सुबह से कोई बाहर नहीं निकला।”
राहत शिविरों में 200+ लोग पहुंचे। कुकी महिलाएं चिल्ला रही हैं – “सेना हमें मार रही है!”
दूसरी तरफ मेइतेई संगठन COCOMI ने कहा – “ये आतंकवादियों का सफाया है। देर से ही सही, न्याय हुआ।”
UKNA का खौफ: पिछले कई महीनों से दहशत है।अक्टूबर 2025 के दौरान खनोम्फाई गांव के सरपंच को पीट-पीटकर मारने की घटना सामने आई थी। इसके पहले जून 2025 में KNO नेता और 72 साल की बुजुर्ग महिला को गोलियों से भूना गया। मार्च 2025 में हेंग्लेप में कैंप उड़ाया, 2 उग्रवादी पकड़े।
सरकारी सूत्रों के अनुसार UKNA म्यांमार से हथियार ला रहा है। ड्रग्स तस्करी से फंडिंग हो रही है।
कुकी इन्पी मणिपुर (KIM) ने इसे नरसंहार बताया है। मणिपुर से अलग प्रशासनिक व्यवस्था की मांग को लेकर और तेज अभियान चलाने की बात कही है।