मणिपुर में मंगलवार की सुबह उस वक्त दहशत का माहौल बन गया जब महज तीन घंटे के भीतर भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। अचानक धरती हिलने से लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए और खुले स्थानों की ओर दौड़ पड़े।
पहला भूकंप सुबह 5 बजकर 59 मिनट 33 सेकंड पर आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.2 दर्ज की गई। इसके बाद करीब तीन घंटे के अंतराल में दूसरा झटका सुबह 9 बजकर 03 मिनट 25 सेकंड पर महसूस हुआ, जिसकी तीव्रता 3.3 मापी गई।
भारतीय सिस्मोलॉजी केंद्र के अनुसार, दोनों भूकंपों का केंद्र मणिपुर के कामजोंग जिले में ही स्थित था। पहला भूकंप जमीन के भीतर लगभग 62 किलोमीटर की गहराई में आया, जबकि दूसरे झटके की गहराई करीब 56 किलोमीटर बताई गई है। पहले भूकंप का केंद्र 24.703 उत्तरी अक्षांश और 94.415 पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया, जबकि दूसरे का एपिसेंटर 24.737 उत्तरी अक्षांश और 94.185 पूर्वी देशांतर पर रहा।
भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग काफी सहम गए। कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकलकर सड़कों और खुले मैदानों में इकट्ठा हो गए। हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप के बाद कुछ समय तक आफ्टरशॉक्स आने की संभावना बनी रहती है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
मणिपुर और पूर्वोत्तर क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं, ऐसे में इस तरह के झटके लोगों के बीच चिंता बढ़ा देते हैं। फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।