कोकराझार मुठभेड़: रेलवे विस्फोट का मास्टरमाइंड माओवादी ढेर, झारखंड से था कनेक्शन!

कोकराझार (असम)। कोकराझार जिले में हाल ही में रेलवे लाइन पर हुए आईईडी विस्फोट के आरोपित माओवादी को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। शनिवार सुबह नादांगगुरी इलाके में पुलिस और उग्रवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में एपिल मुर्मु उर्फ रोहित मुर्मु (40) ढेर हो गया। पुलिस अधीक्षक पुष्पराज सिंह ने प्रेस वार्ता में इस मुठभेड़ की पुष्टि की।

बताया गया कि 23 अक्टूबर की सुबह कोकराझार रेलवे ट्रैक पर हुए आईईडी विस्फोट बाद पुलिस लगातार आरोपित की तलाश में जुटी थी। खुफिया इनपुट के आधार पर शनिवार को पुलिस ने नादांगगुरी में छापेमारी की, जहां उग्रवादियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने एपिल मुर्मु को मार गिराया। मुठभेड़ स्थल से एक पिस्तौल, ग्रेनेड, वोटर कार्ड और झारखंड का आधार कार्ड बरामद किया गया।

पुलिस अधीक्षक के अनुसार, मारा गया आरोपी झारखंड और असम—दोनों राज्यों में सक्रिय था। झारखंड में वह रोहित मुर्मु के नाम से और कोकराझार जिले के कचुगांव ग्राहमपुर में एपिल मुर्मु के नाम से जाना जाता था। वह पहले नासला नामक उग्रवादी संगठन का सदस्य था। संगठन के आत्मसमर्पण के बाद वह झारखंड भाग गया और वहां नासना समूह बनाकर उसका कमांडेंट बन बैठा। उसने कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया और बाद में माओवादी संगठन से जुड़ गया।

पुलिस का कहना है कि एपिल मुर्मु साल 2015 से झारखंड में हिंसक गतिविधियों में शामिल था। पिछले साल उसने झारखंड की रेलवे लाइन पर बम विस्फोट किया था और उसके बाद असम भाग आया था। झारखंड पुलिस की एक टीम पहले से ही उसकी तलाश में थी। कोकराझार पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के बाद भी इलाके में **सर्च ऑपरेशन जारी** है, ताकि किसी अन्य संदिग्ध की मौजूदगी का पता लगाया जा सके।

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