देहरादून। उत्तराखंड में आज (शुक्रवार) तकनीक और सामाजिक कल्याण के दो अहम आयोजनों में केंद्र सरकार के दो राज्य मंत्री शामिल होंगे। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर अपने उत्तराखंड दौरे पर आज देहरादून में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
सबसे पहले, जितिन प्रसाद “उत्तराखंड एआई इम्पैक्ट समिट 2025” में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। यह समिट सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) आधारित नवाचार, सुशासन और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। इस आयोजन की थीम “Hills to High-Tech” रखी गई है, जो पहाड़ों से हाई-टेक विकास की दिशा में उत्तराखंड की प्रगति को दर्शाती है।
कार्यक्रम का शुभारंभ यूकॉस्ट (UCOST) के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत के स्वागत भाषण और “डिजिटल कुंभ” विषय पर संबोधन से होगा। इसके बाद इंडिया एआई मिशन के निदेशक मोहम्मद वाई. सफीरुल्ला** देश में एआई मिशन के विजन पर प्रकाश डालेंगे। उत्तराखंड शासन के आईटी सचिव “एआई इन गवर्नेंस” विषय पर प्रस्तुति देंगे।
तकनीकी सत्र में आईआईटी रुड़की, आईआईएम काशीपुर, और ओम्निप्रेजेंट टेक के विशेषज्ञ एआई नवाचार और उद्यमिता पर विचार साझा करेंगे। एनआईसी मुख्यालय की उपमहानिदेशक शर्मिष्ठा दास “एनआईसी की एआई सेवाओं” पर सत्र प्रस्तुत करेंगी। समिट का सबसे प्रमुख आकर्षण एक पैनल चर्चा होगी, जिसका विषय रहेगा—“वैश्विक एआई प्रवृत्तियां एवं विकास: उत्तराखंड पर प्रभाव”। इस सत्र की अध्यक्षता प्रो. राम शर्मा, कुलपति यू.पी.ई.एस. करेंगे। समापन सत्र में राम एस. उनियाल, महाप्रबंधक (इमर्जिंग टेक्नोलॉजी), आईटीडीए, धन्यवाद ज्ञापन देंगे।
इसी दिन, केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर देहरादून स्थित हिमालयी संस्कृति केंद्र में आयोजित आठवें राष्ट्रीय पोषण माह के समापन समारोह में शामिल होंगी। इस अवसर पर उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण मंत्री रेखा आर्य और ग्रामीण विकास मंत्री गणेश जोशी भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और पोषण मिशन से जुड़े अधिकारी भाग लेंगे।
समारोह में मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत “पोषण चैंपियंस” को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा, किशोरियों को महालक्ष्मी किट और मिशन शक्ति चैंपियंस को भी सम्मान प्रदान किया जाएगा।
इन दोनों आयोजनों से उत्तराखंड में तकनीकी नवाचार और महिला सशक्तिकरण की नई दिशा तय होने की उम्मीद है।