चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड श्रद्धालु, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया बीकेटीसी के प्रयासों की सराहना!

देहरादून, 11 अक्टूबर।
उत्तराखंड में इस वर्ष चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिसे लेकर मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर श्री हेमंत द्विवेदी, अध्यक्ष श्री बदरीनाथ-श्री केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी), ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और यात्रा के सफल संचालन, श्रद्धालुओं की संख्या और समिति की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी साझा की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि तीर्थ यात्रियों के सुचारू और सुरक्षित दर्शन के लिए सरकार की प्राथमिकता हमेशा सुनिश्चित रहेगी। उन्होंने बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की मेहनत और प्रयासों की सराहना की, और कहा कि मंदिर समिति ने रिकॉर्ड तीर्थयात्रियों की संख्या सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई है। साथ ही उन्होंने समिति को हर संकल्प पूरा करने का भरोसा भी दिया।

इस साल चारधाम यात्रा के सफल संचालन के लिए सरकार और बीकेटीसी ने मिलकर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा मार्गों में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सरकार सभी विकास योजनाओं और सौंदर्यीकरण कार्यों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रही है। उन्होंने मंदिर समिति को कई सुझाव भी दिए, जिन्हें समिति ने योजनाबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया।

हेमंत द्विवेदी ने कहा कि भगवान बद्री विशाल और बाबा केदारनाथ की कृपा से यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित रही। उन्होंने बताया कि मंदिर समिति, तीर्थ पुरोहितों, धर्म गुरुओं, स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों के सहयोग से यात्रा के हर पहलू का प्रबंधन करती रही है।

इस अवसर पर उल्लेखनीय है कि देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति श्री मुकेश अंबानी ने भी भगवान बद्री विशाल और बाबा केदारनाथ के दर्शन किए और मंदिर प्रबंधन के लिए 10 करोड़ रुपये की राशि दान की। उन्होंने लगातार इन धामों का दौरा किया और मंदिर समिति को सहयोग दिया है।

मुख्यमंत्री धामी ने बीकेटीसी के अध्यक्ष को आश्वासन दिया कि सरकार भविष्य में भी चारधाम यात्रा की सुरक्षा, सुविधाओं और सौंदर्यीकरण में पूर्ण सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा केवल धार्मिक महत्व नहीं, बल्कि राज्य के पर्यटन और अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है।

बीकेटीसी ने तय किया है कि वे मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए सुझावों के अनुसार योजनाबद्ध तरीके से कार्य करेंगे, ताकि आने वाले वर्षों में चारधाम यात्रा और अधिक आरामदायक, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए सुखद अनुभव बन सके।

इस प्रकार, **सरकारी प्रयास, मंदिर समिति की सक्रियता और सहयोगी नागरिकों के योगदान** से उत्तराखंड की चारधाम यात्रा विश्वभर के श्रद्धालुओं के लिए एक सुरक्षित, व्यवस्थित और यादगार तीर्थ यात्रा बन गई है।

 

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