डॉ श्रीगोपाल नारसन एडवोकेट
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा माउंट आबू के शांतिवन परिसर में 26 से 30 सितंबर तक आयोजित राष्ट्रीय मीडिया महासम्मेलन में देशभर के 1500 पत्रकारों ने सहभागिता की।

ब्रह्माकुमारीज के मिडियाविंग ने यह आयोजन किया ,जिसका उदघाटन राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने किया।इससे पूर्व स्वागत सत्र में ब्रह्माकुमारी बहनो व भाइयों ने दिलखोलकर लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ का अभिनन्दन किया।राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि पत्रकार ही लोकतंत्र की जड़ो को मजबूत करने के लिए उसे सींचने का कार्य कर रहे है।उन्होंने माना कि देश मे शांति,विश्वास व एकता में पत्रकार महती भूमिका निभा सकते है।
इनसाइट सेशन में दिए पत्रकारों को चुनौती से पार जाने के टिप्स
इस राष्ट्रीय मीडिया कॉन्फ्रेंस में ‘आध्यात्मिक शक्तियों से चुनौतियों पर विजय’ विषय पर इनसाइट सेशन का आयोजन किया गया। राजयोगिनी बीके डॉ उषा दीदी ने मुख्य वक्तव्य देते हुए कहा कि इस युग को चुनौतियों का युग कहा गया है। चुनौतियों से किसी के जीवन मे तनाव तो किसी की जीवन में अवसाद भी आ जाता है।जिसके लिए आध्यात्मिकता की शक्ति की आवश्यकता है। चुनौती हरेक के जीवन मे आती है, लेकिन किसी किसी के लिए यही चुनौती अवसर के द्वार खोलती है। जो सही निर्णय लेता है, उसके लिए अवसर के द्वार खोल देती है। जो स्वार्थ के कारण गलत निर्णय कर लेते हैं, बाद में उन्हें अफसोस करना पड़ता है।
बीके डॉ सुनीता ने माना कि चुनोतियां हमारी आंतरिक शक्तियों को बढ़ाने के लिए आती है। लेकिन जब हम स्वयं पर यह विश्वास करते हैं,कि मैं शिवशक्ति हूँ, तब सुख, शांति, प्रेम देने का भाव स्वतः आ जाता हैं, तब चुनौती आगे बढ़ने की सीढ़ी बन जाती है।जयपुर से आई बीके चंद्रकला दीदी ने कहा कि मनोवृत्ति दूषित हो तो नज़रिया नेगेटिव हो जाता है।ऐसे में हम दूसरों को गिराने का प्रयास करते हैं, जबकि आध्यात्मिकता लक्ष्य की तरफ लेकर जाती है।इस सत्र के विशिष्ट अथिति विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ के उपकुलपति डॉ श्री गोपाल नारसन ने अपना अनुभव सुनाया कि अगर हमारे अंदर आध्यात्मिक ताकत आ जाये तो कोई चुनौती नहीं टिक सकती। उन्होंने कहा कि एक बार परमात्मा से रिश्ता बनाइये। जब आप परमात्मा को अपना बना लेंगे तो परमात्मा भी आपको अपना लेगा। तब आप आप निश्चित ही नकारात्मकता से सकारात्मकता की और बढ़ेंगे।
प्लेनरी सेशन में जनसंचार में पारदर्शिता और विश्वास विषय पर चिंतन हुआ
ब्रह्माकुमारीज़ के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन में हुई राष्ट्रीय मीडिया कॉन्फ्रेंस के पहले प्लेनरी सेशन में जनसंचार में पारदर्शिता और विश्वास विषय पर चिंतन हुआ। सत्र के मुख्य वक़्ता मीडिया विंग के राष्ट्रीय संयोजक बीके सुशांत ने कहा कि जब हम आत्मविवेक के साथ काम करते हैं। लोकहित में कंटेंट रचते हैं तो वह जरूर ही पॉजिटिव होता है। हमारी विश्वसनीयता,हमारी पारदर्शिता से ही हमारी टीआरपी और आर्थिक विकास सम्भव हो सकेगा। यदि हम खुद से सत्य हैं तो मैं सत्यवादी हूँ। सत्य से ही पारदर्शिता आती है। स्वमान में, स्वधर्म में रहने से और विवेक के आधार पर निर्णय लेते हैं तो हमें किसी प्रकार की चुनौती नहीं होती। सन्तुष्टता और खुशी जिसके पास है, वह बाहरी वैभव वस्तु की तरफ आकर्षित नहीं होता।इंदौर से आये नवभारत के ग्रुप एडिटर क्रांति चतुर्वेदी ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ और पत्रकारों के कार्यों से जो शांति,एकता व विश्वास का प्रकाश निकलता है, वही देश और समाज को मजबूत किये हुए है। द इमर्जिंग वर्ल्ड नोएडा के सलाहकार संपादक कुमार नरेंद्र सिंह ने कहा कि आज जनसंचार से विश्वास और पारदर्शिता की दूरी बढ़ गयी है। विश्वास और पारदर्शिता अलग नहीं हैं, बल्कि ये एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। मूल्य जीवित रखने के लिए गम्भीर प्रयास करने पड़ते हैं। समाज के गुण और दुर्गुण हममें भी होंगे क्योंकि हम समाज का हिस्सा हैं। हम उन परिस्थितियों का निर्माण करें, जिनमें पारदर्शिता और विश्वास हो। सबसे पहले हमें सामाजिक स्थितियों में बदलाव करने होंगे।
गुजरात विद्यापीठ अहमदाबाद के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. विनोद कुमार पांडे ने कहा कि जनसंचार में एक साथ कई सारे लोगों से संवाद करना पड़ता है।पत्रकारिता की विश्वसनीयता नहीं रहेगी तो लोग हम पर विश्वास नहीं करेंगे। अब अखबारों में भी पेड न्यूज़ छप रही हैं। अखबारों में आज भी गेट कीपिंग का चलन है, उसमें गलत खबरों का पता चल जाता है। लेकिन सोशल मीडिया में गलत खबर चेक करने का साधन नहीं है। इसके लिए आत्म नियंत्रण की जरूरत है।इंटरनेशनल चैम्बर ऑफ पब्लिक रिलेशन हैदराबाद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अजय कुमार अग्रवाल, ने सत्र की अध्यक्षता करते हुए कहा कि शुभ कार्यों की शुरूआत घर से करनी होती है।चूंकि बच्चा अपनी माँ पर पूरा विश्वास करता है।जहां एक दूसरे पर विश्वास नहीं होता, वहां रिश्ते लंबे नहीं चल पाते। यदि हमें देश मे विश्वास और पारदर्शिता चाहते हैं, तो हमें शुरुआत खुद से करनी होगी। मीडिया विंग की जोनल कोऑर्डिनेटर बीके पूनम दीदी ने राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास करवाया,जबकि बीके डॉ नंदिनी दीदी ने सत्र का संचालन किया।
आज सूचना मिलना हुआ आसान, लेकिन सही सूचना का पता लगाना मुश्किल
राष्ट्रीय मीडिया कॉन्फ्रेंस के विदाई सत्र में हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धरमानी ने कहा कि आज दुनिया के सामने बहुत सारी चुनौतियां हैं, उसका समाधान निकालने के लिए पत्रकारों को आगे आने की जरूरत है। मीडिया सूचना प्राप्त करने का एक जरिया है। जो आप बताते हैं, लोग उसे सच मानते हैं। प्रिंट से लेकर आज इलेक्ट्रॉनिक मीडिया डिजिटल मीडिया पर भी आशा जमी है। उन्होंने माना कि ब्रह्माकुमारीज़ अच्छे सामाजिक कार्य कर रही है। साधारण व्यक्ति में बदलाव लाने से बड़ा योगदान क्या हो सकता है। ब्रह्माकुमारीज़ के सेकेट्री जनरल मृत्युंजय भाई ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज के मीडिया विंग को बधाई देते हुए कहा कि ब्रेकिंग न्यूज़ देखकर लगता है कि तृतीय विश्व युद्ध कभी भी हो सकता है। दुनिया में ना एकता है, न शांति न विश्वास है। अभी प्रकृति भी मनुष्य की दुश्मन बन चुकी है। ऐसे में नई दुनिया बनाने वाले, विश्व मे सुख शांति स्थापित करने वाले परमपिता परमात्मा इस धरा पर अवतरित होकर नई शिक्षा दे रहे हैं। इस शिक्षा का सरल, सहज स्वाभाविक ज्ञान बताता है कि मैं कौन हूँ? कहाँ से आया हूँ? बस यही हमे याद रखना हैं।
मीडिया विंग की उपाध्यक्ष बीके सरला दीदी ने पांच बिंदु वाले एक्शन प्लान सबके सामने रखते हुए कहा कि दुनिया की हालत बहुत बिगड़ चुकी है। इसलिए आप पत्रकारों को यहां बुलाकर दुनिया को बदलने के लिए हमने एक्शन प्लान बनाया है। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम जब यहां आए तो दादी प्रकाशमणि जी से पूछा कि भारत ने कभी किसी को दुख नहीं दिया, क्यों? दादी जी ने कहा कि सौभाग्यशाली हैं जो भारत में जन्म लिया है। हम विश्व गुरु बनने जा रहे हैं। भगवान आप जैसी विभूतियों को बुलाकर नई दुनिया की स्थापना कर रहे हैं। दादी ने कहा भारत माता कहते हैं और मां किसी को दुख नहीं देती। देवेंद्र मलिक व मधुकर द्विवेदी ने राष्ट्रीय पत्रकारिता महासम्मेलन में तय एक्शन प्लान का समर्थन किया।
मीडिया विंग के राष्ट्रीय संयोजक बीके शांतनु ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह व परमात्म सौगात भेंट कर सभी का सम्मान किया।