तमिलनाडु शोक में डूबा, जांच आयोग करेगा करूर भगदड़ की पड़ताल
विजय की रैली में 39 मौतें, सुरक्षा चूक पर उठे सवाल
तमिलनाडु के करूर जिले में रविवार को अभिनेता से नेता बने **जोसेफ विजय** की रैली *“वेलिचम वेलियेरु”* के दौरान मची भगदड़ ने पूरे राज्य को गहरे शोक में डाल दिया। अफरा-तफरी में **38 लोगों की मौत** हो गई, जिनमें **आठ बच्चे और 16 महिलाएं** शामिल हैं। 50 से अधिक लोग अब भी अस्पतालों में जीवन और मौत से जूझ रहे हैं।
सरकार का राहत पैकेज और जांच आयोग
मुख्यमंत्री **एम.के. स्टालिन** ने इस घटना को *“अपूरणीय क्षति”* बताया और मृतकों के परिजनों को **10 लाख रुपये** तथा घायलों को **1 लाख रुपये** की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज **अरुणा जगदीसन** की अध्यक्षता में एक सदस्यीय **जांच आयोग** गठित किया है, जो हादसे के कारणों और जिम्मेदारियों की पड़ताल करेगा।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
प्रधानमंत्री **नरेन्द्र मोदी** और विदेश मंत्री **एस. जयशंकर** ने भी शोक व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
वहीं विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भावुक पोस्ट कर कहा— *“मेरा दिल टूट गया है, यह असहनीय पीड़ा है। करूर में अपने भाइयों और बहनों को खोने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।”*
हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि मंच से पानी की बोतलें फेंकने से भगदड़ बढ़ी। साथ ही विजय का तुरंत चार्टर्ड फ्लाइट से चेन्नई लौट जाना, बिना पीड़ित परिवारों से मिले, आलोचना का विषय बना। इस बीच एक्स पर **#KarurStampede** और **#IStandWithVijay** ट्रेंड करने लगे।
व्यवस्था पर सवाल और राजनीतिक असर
सूत्रों के मुताबिक, आयोजकों ने करूर बस स्टैंड में रैली की अनुमति मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने छोटा स्थल आवंटित किया। भीड़ नियंत्रण और आपात व्यवस्था में गंभीर खामियां उजागर हुईं। साहित्यकार **वैरमुतु** और विपक्षी नेताओं ने कहा कि ऐसी आशंका पहले ही जताई जानी चाहिए थी और जिम्मेदारी से आयोजक और सरकार दोनों बच नहीं सकते।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फरवरी 2024 में अपनी पार्टी **तमिलगा वेट्री कझगम (TVK)** शुरू करने वाले विजय की लोकप्रियता ने भारी भीड़ तो जुटाई, लेकिन इस त्रासदी ने उनकी “व्यवस्था-विरोधी” छवि को कमजोर कर दिया है। अब सबकी नजरें जांच आयोग की रिपोर्ट पर हैं, जो तय करेगी कि भविष्य में ऐसे हादसों से कैसे बचा जा सकता है।