अंधविश्वास की भेंट चढ़े मासूम, आरोपी पर केस दर्ज – तीनों बच्चे अब सुरक्षित

मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां निमोनिया से पीड़ित तीन मासूम बच्चों को इलाज के नाम पर अंधविश्वास का शिकार बना दिया गया। झाड़-फूंक करने वाले ने गर्म सलाखों से उनके शरीर पर दाग लगा दिए, जिससे बच्चों की हालत और बिगड़ गई। तीनों को गंभीर हालत में झाबुआ जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां वे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखे गए। फिलहाल तीनों बच्चे सुरक्षित हैं और स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. बी.एस. बघेल ने बताया कि आरोपी जयश सोलंकी, निवासी ग्राम जालद (जिला दाहोद, गुजरात) ने झाड़-फूंक के बहाने बच्चों को गर्म सुई से दागा। जब स्थिति खराब हुई तो परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल लाया। अस्पताल प्रशासन की लिखित शिकायत पर आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 118(1) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। चूंकि घटना स्थल गुजरात राज्य में है, मामला जीरो पर दर्ज कर आगे की कार्रवाई हेतु दाहोद पुलिस को सौंपा गया है।

पीड़ित बच्चों में संदीप (जन्म जुलाई 2025), पार्वती (जन्म फरवरी 2024) और डेनियल (जन्म जून 2025) शामिल हैं। सभी को पहले स्वस्थ बताया गया था, लेकिन गुजरात में रह रहे परिजनों ने बीमारी के समय डॉक्टर की बजाय झाड़-फूंक करने वाले पर भरोसा किया। आरोपी द्वारा गर्म सरिए से दागने के बाद हालत बिगड़ने पर उन्हें झाबुआ लाया गया।

सीएमएचओ ने कहा कि अस्पताल प्रशासन बच्चों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखे हुए है। सिविल सर्जन डॉ. एम.एल. मालवीया और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप चोपड़ा को उनकी देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही सभी स्वास्थ्य संस्थानों को ऐसे मामलों को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों को समझाया जाएगा कि अंधविश्वास छोड़कर बीमार बच्चों का इलाज केवल अस्पतालों में कराएं।

वर्तमान में तीनों बच्चे चिकित्सकीय निगरानी में हैं और जल्द ही उन्हें स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।

 

 

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