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उत्तराखंड पटवारी भर्ती में फिर पेपर लीक, कांग्रेस ने धामी सरकार पर साधा निशाना

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देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय पटवारी भर्ती परीक्षा के दौरान एक बार फिर प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने धामी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं के सपनों और भविष्य से निर्मम खिलवाड़ है।

गरिमा मेहरा दसौनी ने आरोप लगाया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। वर्ष 2021-22 में भी कई भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक घोटाले सामने आए थे, जिनमें भाजपा से जुड़े नेता हाकम सिंह और उनके साथियों को जेल की सजा मिली थी। अब एक बार फिर उन्हीं चेहरों—हाकम सिंह और पंकज गौड़—की गिरफ्तारी होना साफ दर्शाता है कि भाजपा शासन में भ्रष्ट तंत्र और नकल माफिया आज भी फल-फूल रहे हैं।

उन्होंने कटाक्ष किया कि शायद नकल विरोधी कानून जिस फाइल और लिफाफे में लिखा गया है वह अंदर से खाली है, तभी ऐसे दुर्दांत अपराधी प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। दसौनी ने यह भी कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसे बड़े अपराध तभी संभव हैं जब शासन-प्रशासन में बैठे लोग इस नेक्सस से जुड़े हों।

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कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार देने के बजाय लगातार धोखा दे रही है। धामी सरकार की कार्यशैली ने आयोग की विश्वसनीयता पूरी तरह समाप्त कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक होना भाजपा सरकार और उसके संरक्षण में चल रहे भ्रष्ट तंत्र की देन है। इससे पहले भी आयोग के अध्यक्ष एस. राजू को इस्तीफा देना पड़ा था।

गरिमा मेहरा दसौनी ने मांग की कि पटवारी भर्ती परीक्षा को तत्काल निरस्त किया जाए और पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच उच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश से कराई जाए। साथ ही, आयोग को भंग कर उसकी जगह निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती बोर्ड का गठन किया जाए तथा दोषी अधिकारियों और भाजपा संरक्षित नकल माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने युवाओं का भविष्य दांव पर लगा दिया है और अब जनता ही उन्हें जवाब देगी।

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