इम्फाल। मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में एक बार फिर हिंसा की घटना ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया। अज्ञात हथियारबंद उग्रवादियों ने असम राइफल्स के एक वाहन पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें दो जवान शहीद हो गए और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना राज्य में जारी जातीय तनाव के बीच हुई है, जहां मैतेई और कुकी समुदायों के बीच संघर्ष ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाना जारी रखा है।
घटना का विवरण
घटना बिष्णुपुर जिले के नम्बोल सबल लेईकाई इलाके में शाम लगभग साढ़े छह बजे की बताई गई है। असम राइफल्स के जवान इम्फाल से बिष्णुपुर की ओर जा रहे थे, जब हथियारबंद लोगों के एक समूह ने अचानक घात लगाकर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। हमलावरों ने वाहन पर भारी मात्रा में फायरिंग की, जिसके कारण जवान तुरंत जवाबी कार्रवाई में उतर आए। हालांकि, गोलीबारी की चपेट में दो जवान मौके पर शहीद हो गए।
घायल जवानों को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तत्काल नजदीकी क्षेत्रीय संस्थान ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अधिकारियों के अनुसार, घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, लेकिन वे खतरे से बाहर हैं। हमलावरों ने मौके का फायदा उठाकर भागने में सफलता हासिल कर ली।
मणिपुर पुलिस और असम राइफल्स के सूत्रों ने पुष्टि की है कि हमला सुनियोजित था और संभवतः कुकी उग्रवादी समूहों से जुड़े लोगों ने अंजाम दिया। हालांकि, अभी तक हमलावरों की पहचान या उनके संगठन का खुलासा नहीं हुआ है।
सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया
हमले के तुरंत बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। मणिपुर पुलिस, असम राइफल्स और अन्य केंद्रीय बलों ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। नम्बोल थाना क्षेत्र को घेराबंदी कर लिया गया है, और संदिग्धों की तलाश में घर-घर छापेमारी की जा रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमलावरों को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा। सर्च ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक दोषियों को पकड़ न लिया जाए।”
पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस घटना पर गहरी शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, “दो जवानों की शहादत और कई अन्य का घायल होना हम सभी के लिए एक क्रूर आघात है। शहीदों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है, और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।” उन्होंने सुरक्षा बलों को निर्देश दिए हैं कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोई कसर न छोड़ी जाए।
मणिपुर में हिंसा का पृष्ठभूमि
मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा जारी है, जिसमें अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं और हजारों विस्थापित हो चुके हैं। इस दौरान सुरक्षा बलों पर उग्रवादियों के हमले बढ़ गए हैं। हाल ही में जिरिबाम जिले में सीआरपीएफ पर हमले और ड्रोन से बमबारी जैसी घटनाएं हुई हैं। 2025 में अब तक कई छिटपुट हमले दर्ज किए गए हैं, लेकिन यह घटना सबसे घातक है।