उमरिया। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। यहां पतौर रेंज के बीट क्रमांक आरएफ-404 में शुक्रवार को एक मादा बाघ शावक का शव मिला। गश्त के दौरान वन विभाग की टीम को यह जानकारी मिली, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर पार्क प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बाघ शावक की मौत का कारण आपसी संघर्ष माना जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया और वन्यप्राणी अपराध नियंत्रण ब्यूरो व राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आगे की प्रक्रिया पूरी की गई।
वन विभाग की टीम ने मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत स्थल संरक्षण किया और मृत शावक का पंचनामा तैयार किया। शव और स्थल की जांच डॉग स्क्वायड और मेटल डिटेक्टर की मदद से की गई। इसके बाद सक्षम वन्य चिकित्सक की उपस्थिति में विस्तृत पोस्टमॉर्टम किया गया। जांच के दौरान लिए गए सभी नमूने अधिकृत प्रयोगशाला भेजे जाएंगे ताकि मौत की असली वजह स्पष्ट हो सके।
वन विभाग के अनुसार, शावक का शवदाह नियमानुसार शनिवार को किया जाएगा। पार्क प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि इस घटना में किसी भी तरह की शिकार या अवैध गतिविधि के साक्ष्य अभी तक सामने नहीं आए हैं।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश का ही नहीं, बल्कि पूरे देश का एक प्रमुख वन्यजीव क्षेत्र है, जहां बाघों की बड़ी आबादी पाई जाती है। यहां अक्सर बाघों के बीच क्षेत्रीय संघर्ष की घटनाएं देखने को मिलती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार भी संभवतः किसी दूसरे बाघ के साथ झड़प में शावक की जान गई है।
यह घटना बाघ संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास में होने वाले संघर्षों की गंभीरता को एक बार फिर सामने लाती है।