काठमांडू। नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुआ जन-आंदोलन अब गहराते राजनीतिक संकट का रूप लेता दिख रहा है। “Gen-Z क्रांति” के नाम से पहचाने जा रहे इस प्रदर्शन ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार को हिला कर रख दिया है। स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि सत्ता पलट की अटकलें तेज हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार, अब तक गृह, कृषि और स्वास्थ्य मंत्री समेत पांच मंत्री इस्तीफा दे चुके हैं। यही नहीं, सूत्रों का दावा है कि प्रधानमंत्री ओली विदेश जाने की तैयारी में हैं और उनके लिए दुबई रवाना होने के लिए एक प्राइवेट प्लेन भी तैयार खड़ा है। हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विरोध प्रदर्शनों के बीच इस खबर ने राजनीतिक हलचल और बढ़ा दी है।
गौरतलब है कि सोशल मीडिया बैन हटाने के बावजूद जनता का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा। सोमवार से शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन ने राजधानी काठमांडू सहित देश के कई हिस्सों में माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। प्रदर्शनकारी लगातार सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं और इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला बता रहे हैं।
प्रधानमंत्री ओली ने सोमवार देर रात आंदोलनकारियों से अपील की थी कि वे सड़कों पर न उतरें और आश्वासन दिया था कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगा बैन स्थायी नहीं था। उन्होंने माना कि सरकार युवाओं की भावनाओं को समझाने में नाकाम रही। बावजूद इसके, आंदोलनकारी अब केवल बैन हटाने से संतुष्ट नहीं हैं और उनका विरोध सरकार बदलने की दिशा में जाता दिख रहा है।
नेपाल के राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह आंदोलन महज इंटरनेट की आज़ादी का सवाल नहीं रहा, बल्कि युवाओं की नई पीढ़ी का गुस्सा है, जो भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी और सरकारी नीतियों को लेकर लंबे समय से उबल रहा था। सोशल मीडिया बैन केवल चिंगारी साबित हुआ।
अब सवाल यह है कि क्या यह “Gen-Z क्रांति” वाकई नेपाल में सत्ता परिवर्तन की ओर बढ़ रही है या सरकार स्थिति को संभालने में कामयाब हो पाएगी।