देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने राज्य सरकार पर दिव्यांगजनों की लगातार हो रही अनदेखी को लेकर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की उदासीनता का परिणाम है कि राज्यभर से आए दिव्यांगजनों को अपनी जायज़ और संवेदनशील मांगों के लिए राजधानी की सड़कों पर उतरना पड़ा।
गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि दिव्यांग संगठनों की यह मांग पूरी तरह उचित और न्यायसंगत है कि उनकी पेंशन को मौजूदा 1500 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रतिमाह किया जाए। साथ ही उन्हें बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराया जाए और रोजगार के अवसर सुनिश्चित किए जाएं। लेकिन राज्य सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेने के बजाय उनकी आवाज़ दबाने का काम कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि दिव्यांगजनों की पीड़ा को समझने और उनसे संवाद करने के बजाय सरकार ने उन्हें मुख्यमंत्री आवास के बाहर रोक दिया और बाद में हिरासत में ले लिया। गरिमा ने इसे सरकार का अमानवीय और असंवेदनशील रवैया करार दिया।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी दिव्यांगजनों के साथ मजबूती से खड़ी है। कांग्रेस की स्पष्ट मांग है कि सरकार जल्द से जल्द उनकी पेंशन बढ़ाए, उन्हें रोजगार और बिना ब्याज ऋण की सुविधा उपलब्ध कराए। अगर सरकार ने इन जायज़ मांगों को तत्काल पूरा नहीं किया तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक उनकी आवाज़ को उठाएगी और लड़ाई को आगे बढ़ाएगी।
गरिमा मेहरा दसौनी ने दोहराया कि दिव्यांगजन समाज का सबसे वंचित और ज़रूरतमंद वर्ग हैं और उनकी उपेक्षा किसी भी लोकतांत्रिक सरकार के लिए निंदनीय और शर्मनाक है। उन्होंने राज्य सरकार से संवेदनशील रवैया अपनाने और दिव्यांगजनों की मांगों को प्राथमिकता से पूरा करने की अपील की।