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लालिमा लिए चंद्रमा का अद्भुत नजारा, बच्चों और परिवारों को मिलेगा खगोल अनुभव

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देहरादून। रविवार रात आसमान में एक अद्भुत खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। **पूर्ण चंद्र ग्रहण** का यह नजारा देहरादून में लोग टेलीस्कोप से भी देख पाएंगे। उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकास्ट) की ओर से इसके लिए आंचलिक विज्ञान केंद्र, देहरादून में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम शाम 7 बजे से रात 1 बजे तक चलेगा। इस दौरान वैज्ञानिकों की टीम आम लोगों, बच्चों और परिवारों को चंद्र ग्रहण के हर चरण को सुरक्षित रूप से दिखाएगी और समझाएगी।

यूकास्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने बताया कि यह केवल खगोल विज्ञान की घटना नहीं, बल्कि ब्रह्मांड और हमारे बीच के गहरे संबंध को महसूस करने का अवसर है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि अधिक से अधिक लोग इस अनोखे पल का हिस्सा बनें और ब्रह्मांड की सुंदरता को महसूस करें।

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कार्यक्रम के समन्वयक एवं आंचलिक विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. ओमप्रकाश नौटियाल ने जानकारी दी कि पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में आ जाता है। लेकिन यह गायब नहीं होता, बल्कि लालिमा लिए चमकने लगता है, क्योंकि पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य की किरणों को मोड़कर केवल लाल–नारंगी प्रकाश को चंद्रमा तक पहुंचाता है। यही कारण है कि इसे “ब्लड मून” भी कहा जाता है।

खास बात यह है कि चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से भी सुरक्षित तरीके से देखा जा सकता है। किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, यूकास्ट की टीम टेलीस्कोप और वैज्ञानिक व्याख्या के साथ इस अनुभव को और रोचक बनाएगी।

वैज्ञानिक टीम चंद्र ग्रहण से जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों के साथ-साथ पौराणिक कथाओं पर भी चर्चा करेगी। मुख्य ग्रहण अवधि रात 9 बजे से 1 बजे तक रहेगी।

डॉ. नौटियाल ने प्रतिभागियों को सलाह दी कि वे हल्का गरम कपड़ा साथ लाएं, समय से पहले पहुंचे और यदि संभव हो तो कैमरा व ट्राइपॉड लेकर आएं ताकि लालिमा लिए चंद्रमा की खूबसूरत तस्वीरें ली जा सकें। इच्छुक प्रतिभागी यूकास्ट की वेबसाइट पर नि:शुल्क पंजीकरण कर कार्यक्रम का हिस्सा बन सकते हैं।

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