झारखंड के पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र स्थित केदल जंगल में बुधवार रात पुलिस और प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ का नेतृत्व 10 लाख के इनामी नक्सली कमांडर शशिकांत कर रहा था। गोलीबारी में जिला पुलिस बल के दो बहादुर जवान, संतन मेहता और सुनील राम, वीरगति को प्राप्त हुए, जबकि जवान रोहित कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल जवान को देर रात एमआरएमसीएच लाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

पलामू की पुलिस कप्तान रिष्मा रमेशन खुद हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वे रात दो बजे ही अस्पताल पहुंचीं और घायल जवान की स्थिति की जानकारी ली। मुठभेड़ स्थल पर फिलहाल सुरक्षा बलों का सर्च अभियान जारी है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम पुलिस को इनपुट मिला था कि टीएसपीसी कमांडर शशिकांत अपने दस्ते के साथ केदल गांव में छिपा हुआ है और किसी बड़ी वारदात की साजिश रच रहा है। सूचना मिलते ही एएसपी अभियान राकेश कुमार और हुसैनाबाद के एसडीपीओ एस मोहम्मद याकूब के नेतृत्व में संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया गया।
जब पुलिस सर्च ऑपरेशन चला रही थी, तभी रात करीब साढ़े 12 बजे नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला। इस दौरान दो जवानों ने अदम्य साहस दिखाते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। वहीं, एक जवान घायल हो गया।
सूत्रों के मुताबिक, मुठभेड़ में कई नक्सली भी घायल या मारे गए हो सकते हैं, लेकिन अब तक उनके शव नहीं मिले हैं। पूरे इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि किसी भी हालत में नक्सलियों को भागने नहीं दिया जाएगा।
यह मुठभेड़ नक्सल विरोधी अभियान की गंभीरता को एक बार फिर उजागर करती है और सुरक्षा बलों की वीरता को सलाम करती है।