देहरादून। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताते हुए कहा कि श्री केदारनाथ धाम हेतु प्रस्तावित सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे प्रोजेक्ट तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए ऐतिहासिक सुविधा साबित होगा।
द्विवेदी ने कहा कि इन रोपवे परियोजनाओं से न केवल यात्रा अधिक सरल और सुगम होगी बल्कि पर्यटन और तीर्थाटन को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रयासों को सराहते हुए कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना से उत्तराखंड की धार्मिक यात्रा व्यवस्थाओं में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 5 मार्च 2025 को आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने श्री केदारनाथ धाम और श्री हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे निर्माण को मंजूरी दी थी। इसके बाद 2 सितंबर 2025 को देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की उपस्थिति में पर्यटन विभाग और नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
एमओयू के अनुसार, सोनप्रयाग से श्री केदारनाथ धाम तक बनने वाले 12.9 किलोमीटर लंबे रोपवे पर लगभग 4100 करोड़ रुपये की लागत आएगी। वहीं गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक बनने वाले 12.4 किलोमीटर लंबे रोपवे की लागत करीब 2700 करोड़ रुपये आंकी गई है।
बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि यह परियोजनाएं तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और समय की बचत में मील का पत्थर साबित होंगी। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार और पर्यटन व्यवसाय को भी नया आयाम मिलेगा।
प्रदेश सरकार का दावा है कि रोपवे बनने के बाद यात्रियों को पैदल चलने की कठिनाई से मुक्ति मिलेगी और यात्रा कुछ ही घंटों में पूरी हो सकेगी। इससे विशेषकर बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।