अफगानिस्तान में रविवार और सोमवार की मध्यरात्रि को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.0 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के दक्षिण-पूर्वी इलाके में था, जहां सबसे ज्यादा नुकसान दर्ज किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और राहत-बचाव कार्य जारी है।
भूकंप का असर सिर्फ अफगानिस्तान तक ही सीमित नहीं रहा। इसके तेज झटके पड़ोसी देशों पाकिस्तान और भारत में भी महसूस किए गए। भारत में दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में रात करीब 2 बजे लोग अचानक घरों से बाहर निकल आए। हालांकि भारत में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन लोगों में दहशत का माहौल देखा गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस इलाके में भूकंप आना नई बात नहीं है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान का सीमावर्ती क्षेत्र भूकंपीय रूप से सक्रिय ज़ोन माना जाता है, जहां लगातार झटके महसूस होते रहते हैं। इससे पहले भी इसी क्षेत्र में कई बार भूकंप आ चुके हैं, जिनमें भारी जनहानि हुई थी।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। वहीं, राहत दल मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हैं। इस हादसे के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग अपनी दहशत और अनुभव साझा कर रहे हैं।
दिल्ली-एनसीआर में आधी रात को नींद के बीच आए झटकों ने लोगों को भयभीत कर दिया। कई लोगों ने कहा कि उन्हें लगा जैसे इमारतें हिल रही हों। अचानक झटके लगते ही लोग घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों पर खड़े रहे।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भी इस क्षेत्र में आफ्टरशॉक्स (भूकंप के छोटे झटके) आ सकते हैं।