लगातार बारिश के चलते रुद्रप्रयाग जिले में जलसंस्थान की 170 से अधिक पेयजल योजनाएं गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे 200 से अधिक गांवों में जलापूर्ति प्रभावित हुई है। ग्रामीण इस समय प्राकृतिक जलस्रोत और बरसाती पानी पर अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं, जबकि कई क्षेत्रों में अस्थायी सप्लाई प्लास्टिक पाइप के माध्यम से की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि पोंणगाड़ पेयजल योजना के क्षतिग्रस्त होने के कारण लस्या क्षेत्र के जयंती, कोठियाड़ा और आसपास के कई गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। इसी तरह, ग्राम पंचायत कालोगाड-खेड़ाखाल-बंगोली की पेयजल योजना भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। ग्रामीणों ने प्लास्टिक पाइपों के जरिए पानी की अस्थायी आपूर्ति सुनिश्चित की है।
जखोली, अगस्तयमुनि और ऊखीमठ ब्लॉक में कुल 200 से अधिक गांवों में जलापूर्ति बाधित हुई है। जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता अनीश पिल्लई ने बताया कि क्षतिग्रस्त योजनाओं की स्थायी मरम्मत के लिए दो करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे ही मौसम में सुधार होगा, इन योजनाओं की पूरी मरम्मत की जाएगी।
अस्थायी व्यवस्था के तहत सभी प्रभावित गांवों में पानी की आपूर्ति का प्रयास किया जा रहा है। अनीश पिल्लई ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि इस समय बरसात के चलते स्थिति अस्थायी है, लेकिन जल्द ही स्थायी समाधान उपलब्ध होगा।
इस प्रकार जिले के ग्रामीण इस मानसून में पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं, जबकि प्रशासन और जलसंस्थान टीम मिलकर अस्थायी समाधान और भविष्य की स्थायी मरम्मत की तैयारी में जुटी है।