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उत्तरकाशी-गंगोत्री मार्ग में आपदा का कहर, बीआरओ लगातार सड़क खोलने में जुटा

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उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले के धराली–हर्षिल मार्ग पर पांच अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग 12 दिनों से लगातार बंद है। अतिवृष्टि के कारण डबरानी, सोनगाड़, लोहारीनाग, हर्षिल और धराली में लगातार मलबा आने और भू-धंसाव की घटनाओं से मार्ग खोलना बीआरओ के लिए चुनौती बन गया है।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्या ने बताया कि सीमा सड़क संगठन दिन-रात बंद सड़कों को खोलने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि गंगोत्री तक मार्ग खोलने में अभी चार दिन और लग सकते हैं। इससे धराली और आसपास के क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में खासी कठिनाई आ रही है।

नेताला में मार्ग तो खोला गया है, लेकिन यहां भी लगातार मलबा आ रहा है। वहीं, डबरानी, सोनगाड़, लोहारीनाग, हर्षिल और धराली में रास्ता बंद होने के कारण राहत सामग्री और आवश्यक वस्तुएं हेलीकॉप्टर के माध्यम से पहुंचाई जा रही हैं।

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भटवाड़ी और चडेथी के बीच घोडाला नामक स्थान पर आए दिन भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं। बारिश के कारण सड़क दल-दल वाली स्थिति में आ रही है और मार्ग धंस रहा है। इसी कारण गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। भटवाड़ी, चडेथी और आसपास के क्षेत्रों में पीडब्ल्यूडी कार्यालय और कुछ दुकानों को भी खतरा मंडरा रहा है। लोग लगातार सहमे हुए दिखाई दे रहे हैं।

बीआरओ की टीमों ने भूस्खलन और मलबा हटाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य शुरू कर दिया है। भारी मशीनरी और मानव संसाधनों के साथ सड़क को खोलने का प्रयास जारी है। जिलाधिकारी ने कहा कि मार्ग खुलने के बाद न केवल गंगोत्री तक यातायात बहाल होगा, बल्कि राहत और बचाव कार्य और आपदा प्रभावितों तक आवश्यक सामग्री की सप्लाई भी सुचारू रूप से हो सकेगी।

स्थानीय प्रशासन और बीआरओ के प्रयासों के बावजूद, लगातार बारिश और मलबा आने से काम में बाधाएं बनी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित खतरे को न्यूनतम करने के लिए हेलीकॉप्टर और अन्य आपदा प्रबंधन साधनों का उपयोग किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने आम जनता से भी आग्रह किया है कि वे मार्ग बंद होने के कारण सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक जोखिम न लें। बीआरओ और स्थानीय प्रशासन हर संभव कोशिश कर रहे हैं कि गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग जल्द से जल्द सुरक्षित रूप से खोल दिया जाए।

 

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