उत्तरकाशी आपदा: आखिर क्यों रातोंरात तैनात किए गए 2 IG और 3 SP? जानें पूरी कहानी

उत्तरकाशी जनपद के धराली और सूखी गांव में बादल फटने से उत्पन्न भीषण आपदा के बाद राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी और प्रभावशीलता से संचालित करने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने बड़े स्तर पर कदम उठाए हैं। पुलिस विभाग ने हालात की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों और विशेष बलों की आपात तैनाती की है।

राज्य के पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ ने जानकारी दी कि इस त्रासदी को लेकर पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क और संवेदनशील है। उन्होंने कहा, “उत्तरकाशी में हुई इस प्राकृतिक आपदा से जो पीड़ा और नुकसान हुआ है, वह अत्यंत दुखद है। पुलिस विभाग सभी संसाधनों और मानवीय संवेदनाओं के साथ राहत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। हमारा प्रयास है कि हर प्रभावित व्यक्ति तक शीघ्र सहायता पहुंचे।

त्वरित तैनाती में कौन-कौन अधिकारी शामिल हैं?

आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों के संचालन के लिए दो पुलिस महानिरीक्षक (IG) – श्री अरुण मोहन जोशी (IG, SDRF) और श्री राजीव स्वरूप (IG, गढ़वाल परिक्षेत्र) को तुरंत मौके पर भेजा गया है। इनके साथ तीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SP), एक कमांडेंट, 1 डिप्टी कमांडेंट, और 11 डिप्टी एसपी को भी उत्तरकाशी रवाना किया गया है।

विशेष बल भी मौके पर रवाना

राहत कार्यों को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए सेनानायक IRB द्वितीय, श्रीमती श्वेता चौबे के नेतृत्व में PAC की 40वीं वाहिनी की विशेष आपदा राहत ई-कंपनी को भी मौके पर भेजा गया है। इसके अतिरिक्त, IRB द्वितीय, देहरादून की सी कंपनी को भी उत्तरकाशी क्षेत्र में तैनात किया गया है।

अन्य जिलों से भी बुलाया गया बल

देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और टिहरी जैसे चार प्रमुख जिलों से निरीक्षक से लेकर आरक्षी स्तर तक के कुल 160 पुलिसकर्मियों को राहत कार्यों के लिए उत्तरकाशी भेजा गया है। इन सभी को आवश्यक आपदा राहत उपकरणों से सुसज्जित किया गया है, जिससे वे मौके पर तेजी से और प्रभावी कार्य कर सकें।

उद्देश्य: जनहानि को न्यूनतम और राहत कार्य अधिकतम

पुलिस विभाग का मुख्य उद्देश्य आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में जनहानि को न्यूनतम करना, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और राहत एवं पुनर्वास कार्यों को शीघ्रता से अंजाम देना है। राहत कार्यों की निगरानी खुद वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं, जिससे किसी भी स्तर पर समन्वय की कमी न हो।

पुलिस विभाग की यह सक्रियता और समर्पण संकट की इस घड़ी में प्रदेशवासियों को भरोसा दिलाती है कि शासन-प्रशासन पूरी तरह से उनके साथ खड़ा है।

 

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