एसटीएच में उत्तराखंड ही नहीं यूपी से भी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं मरीज

हल्द्वानी। डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय (एसटीएच) में ओपीडी और आईपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का बढ़ता दबाव यह दर्शाता है कि लोग अपने इलाज के लिए दूर-दूर से यहां पहुंच रहे हैं। खासकर उत्तराखंड के अलावा, अब उत्तर प्रदेश से भी मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। इस बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने इलाज की सुविधा को और बेहतर बनाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि अस्पताल में रोजाना ओपीडी (ओपन पॉलिक्लिनिक डिपार्टमेंट) में मरीजों की संख्या अब दो हजार से भी ज्यादा हो चुकी है। अस्पताल के विभिन्न विभागों में मरीजों की भर्ती लगातार बढ़ती जा रही है। एसटीएच के मेडिसिन विभाग के अधीन विभिन्न वार्डों में मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। वार्ड सी में 52 बेड, वार्ड डी में 49 बेड, जबकि मेडिसिन आईसीयू में वार्ड बी में 26, वार्ड सी में 20 और वार्ड डी में 24 मरीज भर्ती हैं। इसके अतिरिक्त, मेडिसिन आईसीयू में सात मरीजों को भी विशेष देखरेख में रखा गया है।

अस्पताल में भर्ती कुल 77 मरीजों का इलाज वरिष्ठ चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा है। इन मरीजों को उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवा प्रदान की जा रही है, ताकि उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का शीघ्र निदान किया जा सके। अस्पताल प्रशासन का यह मानना है कि मरीजों की बढ़ती संख्या के बावजूद, सभी को गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलना चाहिए और इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

निःशुल्क दवाइयां और आयुष्मान भारत योजना का लाभ

अस्पताल में मरीजों को न केवल उच्चस्तरीय उपचार मिल रहा है, बल्कि उन्हें निशुल्क दवाइयां भी दी जा रही हैं। इससे उन मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है जो आर्थिक तंगी के कारण महंगे इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ होते हैं। इसके अतिरिक्त, आयुष्मान भारत योजना के तहत भर्ती मरीजों का इलाज भी पूरी तरह से मुफ्त किया जा रहा है। इस योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त में मिलती हैं, जिससे गरीब तबके के मरीजों को विशेष लाभ हो रहा है।

उत्तराखंड और यूपी से बढ़ रही मरीजों की संख्या

अस्पताल के इलाज की गुणवत्ता को देखकर अब न केवल उत्तराखंड, बल्कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से भी लोग एसटीएच में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। खासतौर पर, यूपी के आसपास के जिलों से लोग यहाँ इलाज करवाने आ रहे हैं। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि एसटीएच के डॉक्टरों और अस्पताल की सेवाओं पर स्थानीय समुदाय का पूरा विश्वास है। इसके अलावा, अस्पताल में चिकित्सा उपकरणों और सुविधाओं की उपलब्धता भी बड़ी भूमिका निभाती है।

स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के प्रयास

एसटीएच के डॉक्टर और प्रशासन यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि अस्पताल में मरीजों को इलाज में किसी प्रकार की कमी न हो। हालांकि, मरीजों की संख्या में निरंतर वृद्धि के कारण अस्पताल प्रशासन को भी नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। डॉ. जोशी का कहना है कि अस्पताल के कर्मचारियों और डॉक्टरों की टीम दिन-रात अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मरीजों को राहत देने की पूरी कोशिश कर रही है। इसके अलावा, अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और सुविधाओं के विस्तार के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।

निष्कर्ष

एसटीएच में इलाज की बढ़ती मांग यह दर्शाती है कि अस्पताल को अब न केवल उत्तराखंड, बल्कि उत्तर प्रदेश से भी एक भरोसेमंद स्वास्थ्य केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के इस प्रयास में अस्पताल प्रशासन ने कई अहम कदम उठाए हैं, जिससे आम जनता को इसका बड़ा फायदा हो रहा है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.