फ्रांस सितंबर में देगा फिलिस्तीन को आधिकारिक मान्यता: राष्ट्रपति मैक्रों का ऐलान
संयुक्त राष्ट्र महासभा में होगी औपचारिक घोषणा, गाजा में युद्धविराम और मानवीय मदद पर दिया जोर
मुख्य बिंदु
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फ्रांस सितंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान करेगा फिलिस्तीन को औपचारिक मान्यता
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140 से अधिक देश पहले ही फिलिस्तीन को राष्ट्र का दर्जा दे चुके हैं
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मैक्रों बोले – “गाजा में युद्ध खत्म हो, नागरिकों की जान बचाना जरूरी”
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हमास को अस्त्र विहीन कर गाजा का पुनर्निर्माण जरूरी: फ्रांसीसी राष्ट्रपति
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पहले इजराइल समर्थक रहे मैक्रों, अब मानवीय संकट पर बदला रुख
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भारत ने भी UNSC में गाजा संकट पर जताई चिंता, कहा – “सिर्फ अस्थायी संघर्ष विराम से नहीं होगा समाधान”
पेरिस। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार को एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि उनका देश सितंबर 2025 में फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में आधिकारिक मान्यता देगा। उन्होंने कहा कि इसकी घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा में औपचारिक रूप से की जाएगी।
फिलहाल संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों में से 140 से अधिक देश फिलिस्तीन को मान्यता दे चुके हैं, लेकिन फ्रांस जैसे प्रमुख यूरोपीय राष्ट्र की यह पहल अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़ी घटना मानी जा रही है।
गाजा में युद्ध रोकने और मानवीय सहायता की अपील
फ्रांस के राष्ट्रपति ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल X पर लिखा:
“मध्य पूर्व में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति के लिए, हमने निर्णय लिया है कि फ्रांस फिलिस्तीन को मान्यता देगा। हमें हमास को हथियार मुक्त कर गाजा को सुरक्षित बनाना होगा। युद्धविराम और मानवीय सहायता तत्काल जरूरी है।”
मैक्रों के रुख में बदलाव: पहले थे इजराइल समर्थक
7 अक्टूबर 2023 को जब हमास ने इजराइल पर आतंकी हमला किया था, तब मैक्रों ने खुलकर इजराइल का समर्थन किया था। लेकिन हाल के महीनों में गाजा में इजराइल की सैन्य कार्रवाई में आम नागरिकों की मौतें, खाद्यान्न संकट और स्वास्थ्य सेवाओं के ध्वस्त होने को लेकर मैक्रों ने अपनी चिंता जाहिर की है।
🇮🇳 भारत ने भी UNSC में जताई चिंता
भारत के संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने एक दिन पहले कहा:
“गाजा में भोजन, ईंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतों की भारी कमी है। अस्थायी संघर्ष विराम से समाधान नहीं निकलेगा, एक स्थायी समाधान की जरूरत है।”