वाराणसी में करपात्र दीपावली का भव्य आयोजन: धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के 118वें प्राकट्योत्सव पर दीपों से सजा धर्मसंघ
वाराणसी। धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के 118वें प्राकट्योत्सव के अवसर पर मंगलवार को दुर्गाकुण्ड स्थित धर्मसंघ प्रांगण दीपों की रोशनी से नहा उठा। श्री धर्मसंघ शिक्षा मण्डल में चल रहे 14 दिवसीय प्राकट्योत्सव के दूसरे दिन करपात्र दीपावली मनाई गई।
इस खास मौके पर 43,070 दीपों को एक साथ प्रज्ज्वलित किया गया, जिससे पूरा परिसर दीपों की रोशनी से चमक उठा। सायंकाल में गोधूलि बेला में प्रांगण स्थित भव्य मणि मन्दिर को दिव्य तरीके से सजाया गया। सर्वप्रथम धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रम्हचारी जी महाराज एवं पं. जगजीतन पाण्डेय ने मणि मन्दिर के मुख्य सभागार में स्वस्तिवाचन के बीच पहला दीपक प्रज्ज्वलित किया। इसके बाद वैदिक आचार्य और बटुकों ने पूरे धर्मसंघ प्रांगण में दीप जलाए।
मन्दिर के बाहर बाग में सहस्त्र दीप मालिका भी प्रज्ज्वलित की गई। मंदिर के मुख्य द्वार, करपात्र प्रतिमा, करपात्र सभागार, महाराज निवास, अन्नपूर्णा भोजन भण्डार, गौशाला, बाग, अतिथि गृह तथा कार्यालय समेत सभी स्थानों पर दीपों की आभा फैली थी। इसके साथ ही विद्युत झालरों और दीप मालाओं से सम्पूर्ण प्रांगण की आकर्षक सजावट की गई।
स्वास्तिक, ओमकार, त्रिशूल, नन्दी, शंख, कमलपुष्प जैसे सनातन धर्म के प्रतीक चिन्ह दीपकों और पुष्पों से सजाए गए थे। जैसे ही पूरे परिसर में दीपों का प्रकाश फैल गया, यह दृश्य अत्यन्त मोहक और विहंगम नजर आया।
इस अवसर पर पहली बार 5 अर्चकों द्वारा महा मणिआरती का आयोजन भी किया गया। मंदिर के समक्ष बाग में अर्चकों ने शिव स्तुति कर देवगणों की आराधना की। साथ ही करपात्र दीपावली के मौके पर फूलों की रंगोली भी सजाई गई। मुख्य द्वार पर “सुस्वागतम्” की रंगोली विशेष रूप से आकर्षक रही। मणि मन्दिर के चारों स्तंभों पर कमल पुष्प की रंगोली और चारों ओर सनातनी प्रतीक चिन्हों का अद्भुत चित्रण किया गया।
धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रम्हचारी जी महाराज ने इस अवसर पर बताया कि प्रत्येक वर्ष करपात्र प्राकट्य दिवस की पूर्व संध्या पर करपात्र दीपावली मनाने की परंपरा रही है। इस दिन हम स्वामी करपात्री जी महाराज के धरती पर अवतरण के दिन के साथ दीपदान कर उन्हें नमन करते हैं। सनातन धर्म में दीपक का अत्यधिक महत्व है, जो शुभता और जीवन की रोशनी का प्रतीक है, इसलिए दीपदान के माध्यम से हम विश्व के कल्याण की कामना करते हैं।
दीपावली के इस विशेष अवसर पर रोहतक, हरियाणा के पूर्व मेयर और उद्योगपति मनमोहन गोयल तथा निर्मला गोयल भी उपस्थित हुए।