कांकेर। प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही बिजली की दरों में की गई वृद्धि का विरोध करते हुए राजमिस्त्री मजदूर रेजा कुली एकता यूनियन के राज्य अध्यक्ष देवचंद भास्कर और महासचिव ओम प्रकाश देवांगन ने इसे आम जनता के जेब से डकैती कहा है।
आज जारी एक प्रेस बयान में मजदूर नेताओं ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन की सरकार पहले स्मार्ट मीटर लगाकर आम जनता को लुटा है गौरतलब है कि पूरे प्रदेश में सांय सरकार ने सभी बिजली उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का फैसला लिया है और शहर के प्रत्येक घरों में स्मार्ट मीटर स्थापित किया है अब सिर्फ चिप लगाना शेष है।स्मार्ट मीटर से आम जनता खास कर गरीब परिवारों को सबसे अधिक मुश्किलों का सामना करना होगा।क्यों कि स्मार्ट मीटर में प्रीपेड व्यवस्था है और आप जितने पैसे का रिचार्ज करेंगे उतनी ही राशि की बिजली खपत करने के बाद बिजली कनेक्शन स्वयं ही कट जाएगी।बिजली कम्पनी के मुनाफा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाया गया है और इस स्मार्ट मीटर लगाने के लिए आम जनता के पैसों को बर्बाद किया गया है।स्मार्ट मीटर न सिर्फ उपभोक्ताओं के लिए हानिकारक है बल्कि यह व्यवस्था बिजली विभाग के कर्मचारियों के रोजगार को भी छीनेगी।अब मीटर रीडिंग करने वाले, बिल की राशि को जमा लेने वाले कर्मचारियों की जरूरत नहीं होगी।खर्च में कटौती कर मुनाफा बढ़ाने की पूंजीवादी सोच सरकार ने अपना लिया है। आधुनिक युग में बिजली जीने के लिए एक आवश्यक उपादान है जिसे सरकार आम जनता के पहुंच से बाहर कर देना चाहती है।
यूनियन नेताओं ने भाजपा सरकार की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि बिजली बिल की वृद्धि की दर को देखते हुए यह स्पष्ट होता है सबसे गरीब लोगों पर ही इस वृद्धि का सबसे अधिक प्रभाव पड़ने वाला है।
उन्होंने सरकार पर अमीरों के हितों में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि एकल बत्ती कनेक्शन के गरीब परिवारों की बिजली की खपत पर प्रति यूनिट 20 रुपए की वृद्धि उन पर अतिरिक्त बोझ डालेगी।इसका प्रभाव प्रदेश लाखों गरीब परिवारों पर पड़ने वाला है।
नेताद्वय ने सरकार से बिजली दर में वृद्धि और स्मार्ट मीटर वापस लेने की मांग की है। साथ ही सरकार की इस जनविरोधी नीति के खिलाफ संघर्ष करने का भी घोषणा किया है।

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