बांग्लाभाषियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही भाजपा

कांकेर। भाजपा की डबल इंजन की सरकार पूरे देश में बांग्लादेशी अवैध घुसपैठियों के नाम पर बांग्लाभाषियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है।

राजमिस्त्री मजदूर रेजा कुली एकता यूनियन के उपाध्यक्ष नजीब कुरैशी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी कांकेर जिला के पारोलकोट क्षेत्र में प्रत्येक ग्राम पंचायतों को प्रशासन की और से अवैध बांग्लादेशियों की सूची मंगाया गया है। सिर्फ बांदे पंचायत से ही 109 लोगों को बांग्लादेश से अवैध घुसपैठियों के रूप में चिन्हित किया है, फिर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि 133 पंचायतों से कितने नाम तैयार किए जाएंगे? जिस भाजपा हिन्दुओं की हितैषी होने का दम भारती है बांदे के जिन 109 लोगों को चिन्हित किया गया है वे सभी लोग बंगाली हिन्दू है।
श्री कुरैशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ के पहले महाराष्ट्र, दिल्ली, उड़ीसा, गुजरात जहा जहां पर भाजपा की राज्य सरकारें है उन सभी राज्यों में भाजपा की सरकारें बांग्लाभाषियों को बंदी और गिरफ्तार कर रहे है। इनमें से अधिकांश बांग्लाभाषी प्रवासी मजदूर के रूप में अलग अलग राज्यों में मजदूरी करते है,कांकेर जिला में भी ऐसे बांग्लाभाषी प्रवासी मजदूर है।
उन्होंने कहा कि उड़ीसा,महाराष्ट्र में बांग्लाभाषियों को गिरफ्तार कर उनके आधार कार्ड और मोबाइल फोन को जप्त करने की समाचार सामने आया है।महाराष्ट्र से 6 बांग्लाभाषियों को इस “पुशबैक” अभियान के तहत पश्चिमबंगाल के कूचबिहार जिला के रास्ते से जबरदस्ती बांग्लादेश धकेल दिया गया है।बाद में उनके परिवारजनों ने उनके भारतीय नागरिक होने का सब सबूत पेश किए।
मजदूर नेता ने सवाल दागते हुए कहा कि क्या भाजपा ने नागरिकता प्रमाणित करने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंप रखी है क्या? क्या देश में कोई न्याय व्यवस्था है या नहीं? किसी को भी गिरफ्तार कर जबरन बांग्लादेशी घुसपैठियों का तकमा लगा दिया जाना पूरे बांग्लाभाषियों को अपमानित और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने जैसी कदम है।
यूनियन नेता कहा कि भाजपा की विचारधारा और राजनीति ही विभाजन और नफरत की है।पहले वे मुस्लिमों और ईसाइयों के खिलाफ नफरत फैलाने के बाद अब हिन्दू बांग्लाभाषियों को संदिग्ध बनाया जा रहा है।बांग्लाभाषी होना ही बांग्लादेशी घुसपैठी नहीं हो जाता है।उन्होंने भाजपा की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि जिस गोपनीय ढंग से छत्तीसगढ़ के 30 बांग्लाभाषियों को ले जाया गया है वो तानाशाही को ही दर्शाता है। मुख्य रूप से भाजपा उन गरीब प्रवासी मजदूरों को ही निशाना बनाया जा रहा जो भिन्न राज्य में आकर मेहनत कर अपनी परिवार का भरण पोषण करते है।
श्री कुरैशी ने प्रदेश के उन तथाकथित स्वयंभू नेताओं की भी तीखी आलोचना किया जिन्होंने मुख्यमंत्री को सभी बांग्लादेश से आए शरणार्थियों जिन्हें भारत की नागरिकता प्राप्त है उन्हें बांग्लादेश भेजने,उनके जमीन राजसात करने,और उन्हें सभी प्रकार नौकरी से बाहर करने की मांग किया है।और इन सभी मांगों पर उचित कार्यवाही करने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय ने संबंधित जिलाधीश को पत्र भी भेजा है।एक संविधान विरोधी मांगों पर संविधान की शपथ लेने वाले मुख्यमंत्री कैसे यह कदम उठा सकते है? इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा के इशारों पर ही यह स्वयंभू नेता यह पत्र प्रेषित किया है।और वे नेता भाजपा का भोंपू बना हुआ है।

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