तेहरान/वाशिंगटन। होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी नौसेना ने ईरान की ओर बढ़ रहे एक खाली तेल टैंकर को कथित तौर पर चेतावनी के बावजूद आगे बढ़ने पर मिसाइल दागकर निष्क्रिय कर दिया। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी को सख्ती से लागू करना शुरू किया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, कुराकाओ के झंडे वाला एमटी बेल्मा नामक तेल टैंकर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से खार्ग द्वीप की ओर जा रहा था। कई बार चेतावनी देने के बाद भी जहाज के न रुकने पर अमेरिकी हेलफायर मिसाइल से उसके स्मोकस्टैक को निशाना बनाया गया, जिससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया। खार्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
इसी दौरान अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर भी हवाई हमले किए। बंदर अब्बास, अहवाज, चाबहार और केशम द्वीप सहित कई क्षेत्रों में विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, अहवाज स्थित शहीद बघाई कैंसर अस्पताल के पास एक प्रोजेक्टाइल गिरने से अस्पताल परिसर को नुकसान पहुंचा और सैकड़ों मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर क्षेत्रीय हालात की समीक्षा की। उन्होंने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही। दूसरी ओर, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने माना कि स्थिति बेहद जटिल है, लेकिन अमेरिका किसी अनिश्चितकालीन सैन्य अभियान का हिस्सा नहीं बनेगा।
तनाव के बावजूद पिछले 24 घंटों में कम से कम 13 वाणिज्यिक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने में सफल रहे। हालांकि, ईरान ने स्पष्ट किया है कि जब तक अमेरिका उसकी शर्तों का सम्मान नहीं करता, तब तक जलडमरूमध्य को लेकर उसका रुख सख्त रहेगा। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए संयम बरतने की अपील की है।