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फर्जी ई-वे बिल और खाली ट्रक से करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा
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कंपनी सिर्फ कागजों पर, असल में कारोबार शून्य निकला
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डायरेक्टर ने कबूला गुनाह, मौके पर 2.52 करोड़ की वसूली
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आरोपियों पर FIR दर्ज, अन्य नामों पर भी जांच जारी
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SIB की छापेमारी से टैक्स घोटालों पर कसा शिकंजा
बरेली। रामगंगा नगर स्थित शिवांश एफएमसीजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (SIB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 करोड़ रुपये से अधिक की GST चोरी का खुलासा किया है।
फर्जी बिलिंग: खाली ट्रक, करोड़ों की इनवॉइसिंग
जांच में सामने आया कि कंपनी ने ई-वे बिल पर सिगरेट और पान मसाले की हेरा-फेरी दिखाई, जबकि ट्रक पूरी तरह से खाली थे।
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12 जुलाई: 6.31 करोड़ की सिगरेट के लिए दिल्ली से बरेली ई-वे बिल बना — ट्रक निकला खाली।
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13 जुलाई: फिर उसी ट्रक से 94.82 लाख के रजनीगंधा का दिल्ली भेजने का बिल बना — ट्रक फिर खाली।
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14 जुलाई: बुलंदशहर टोल प्लाजा पर ट्रक को जब सचल टीम ने पकड़ा, तो फर्जीवाड़ा उजागर हो गया।
कंपनी सिर्फ कागजों पर, असल कारोबार नहीं
SIB डिप्टी कमिश्नर अनिरुद्ध सिंह के नेतृत्व में की गई छापेमारी में खुलासा हुआ कि कंपनी सिर्फ दस्तावेज़ों में मौजूद थी।
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दिल्ली की फर्जी कंपनियों से इनवॉइसिंग कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत लाभ उठाया गया।
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ट्रकों को जानबूझकर टोल से गुजारा गया ताकि सिस्टम में फर्जी एंट्री बनी रहे।
2.52 करोड़ की वसूली, FIR दर्ज
पूछताछ में कंपनी के डायरेक्टर युगांस बिसारिया ने धोखाधड़ी स्वीकार की और 2.52 करोड़ रुपये मौके पर जमा कराए।
इसके बाद बिथरी चैनपुर थाने में
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युगांस बिसारिया (निवासी: रामगंगा नगर कॉलोनी)
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गौरव अग्रवाल (निवासी: प्रेमनगर)
के खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई।
जांच जारी, और नामों का हो सकता खुलासा
SIB एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 आशीष निरंजन के मुताबिक, ये एक बड़ा रैकेट है।
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अन्य फर्मों और सहयोगियों की जांच जारी है।
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आने वाले समय में और नाम सामने आ सकते हैं।
निष्कर्ष:
इस कार्रवाई ने एक बार फिर दिखा दिया कि कैसे फर्जी बिलिंग से जीएसटी प्रणाली को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
SIB की यह छापेमारी टैक्स घोटालों पर लगाम कसने में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।