आंध्र प्रदेश में लॉरी पलटने से नौ लोगों की मौत, नायडू और नजीर ने शोक व्यक्त, घायलों को दी जा रही मदद

अन्नामैया (आंध्र प्रदेश) – आंध्र प्रदेश के अन्नामय्या जिले के पुल्लमपेट मंडल में रविवार को एक दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना में नौ मजदूरों की मौत हो गई। एक आम से लदी लॉरी पलटने के कारण खेतों में काम कर रहे इन मजदूरों की जान गई। इस हादसे में 12 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और राज्यपाल एस अब्दुल नज़ीर ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की है।

लॉरी पलटने की घटना और मृतकों की पहचान

पुलिस के मुताबिक, यह घटना अन्नामय्या जिले के पुल्लमपेट मंडल के राजमपेट क्षेत्र के इसुकापल्ली गांव के पास हुई। रविवार को 21 खेतिहर मजदूर तिरुपति जिले के चेट्टीगुंटा कॉलोनी से आम तोड़ने के लिए इसुकापल्ली गांव गए थे और आमों को एक लॉरी में लादकर वापस रेलवे कोडुरु बाजार लौट रहे थे।

लॉरी चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और वह तटबंध से टकराकर पलट गई। हादसे में नौ मजदूरों की मौत हो गई और 12 अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने मृतकों की पहचान चित्तेम्मा (25), सुब्बा रत्नम (45), गज्जला दुर्गय्या (32), गज्जला श्रीनु (33), गज्जला लक्ष्मी देवी (36), राधा (39), गज्जला रमण (42), वेंकट सुब्बम्मा (37), और मुनिचंद्र (38) के रूप में की है।

घायलों को इलाज के लिए राजमपेट के सरकारी जीजीएच अस्पताल में भर्ती कराया गया है, और उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। सभी मृतक और घायल रेलवे कोडुर मंडल के सेट्टीगुंटा गांव के एसटी कॉलोनी के निवासी हैं। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के समय लॉरी में करीब 30 टन आम था, जो पलटने के बाद बिखर गया।

मुख्यमंत्री नायडू और राज्यपाल का शोक संदेश

इस दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने अन्नामय्या जिले के अधिकारियों से फोन पर संपर्क किया और दुर्घटना की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों को शीघ्र और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाएं और मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह एक भीषण घटना है, और मैं शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ा हूं। हम उनकी हर संभव मदद करेंगे।”

राज्यपाल एस अब्दुल नज़ीर ने भी इस दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने एक बयान में कहा, “यह हादसा बेहद दुखद है। मैं शोक संतप्त परिवारों के साथ हूं और ईश्वर से उन सभी की आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूं।”

घायलों को चिकित्सा सहायता और परिवारों को मदद

मुख्यमंत्री नायडू ने इस दुर्घटना के बाद अन्नामय्या जिले के प्रशासनिक अधिकारियों से बात की और घायलों के लिए चिकित्सा उपचार में कोई कसर न छोड़ने की बात की। उन्होंने दुर्घटना में प्रभावित परिवारों को सभी प्रकार की सहायता देने के निर्देश भी दिए। स्थानीय प्रशासन ने घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा और उनके इलाज में तेजी से काम किया। वहीं, मृतकों के परिजनों को सरकार की ओर से उचित सहायता और मुआवजा देने का आश्वासन भी दिया गया है।

सड़क दुर्घटनाओं पर बढ़ते सवाल और जांच

यह दुर्घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और चालक की जिम्मेदारियों पर सवाल खड़ा करती है। अधिकारियों ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है, ताकि यह पता चल सके कि दुर्घटना के लिए चालक की लापरवाही थी या कोई अन्य तकनीकी समस्या थी। पुलिस ने वाहन का निरीक्षण करना शुरू कर दिया है और दुर्घटना के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है।

सड़क सुरक्षा उपायों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, खासकर ऐसे क्षेत्रीय मार्गों पर जहां भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ी है। इस दुर्घटना के बाद अब यह आवश्यक हो गया है कि अधिकारियों द्वारा ऐसे मार्गों पर सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

निष्कर्ष: एक दुखद दुर्घटना और मदद का प्रयास

आंध्र प्रदेश में इस दुर्घटना ने न केवल पूरे राज्य को झकझोर दिया, बल्कि यह सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं के कारणों की गंभीर जांच की आवश्यकता को भी उजागर करता है। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और राज्यपाल एस अब्दुल नज़ीर की ओर से शोक संदेश और घायलों के प्रति संवेदना, यह दिखाता है कि राज्य प्रशासन ऐसे हादसों में शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ा है और मदद देने के लिए तत्पर है।

अधिकारियों की ओर से जारी राहत कार्य और जांच के परिणामों का इंतजार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

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