Haridwar: धार्मिक नगरी हरिद्वार में साधु-संतों के वेश में जनता की भावनाओं से खिलवाड़ करने वाले ढोंगी बाबाओं के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। राज्य सरकार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत हरिद्वार पुलिस ने अब तक 45 फर्जी बाबाओं को गिरफ्तार किया है। ये सभी विभिन्न थाना क्षेत्रों में सक्रिय थे और लंबे समय से लोगों को ठगने, भ्रम फैलाने व धार्मिक आस्था को छलने में लिप्त थे।
धार्मिक नगरी को ढोंगमुक्त बनाने की पहल
हरिद्वार को देशभर में एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है। प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान व धार्मिक अनुष्ठानों हेतु यहां पहुंचते हैं। ऐसे में कुछ असामाजिक तत्व साधु-संतों का वेश धारण कर लोगों को भ्रमित कर धन उगाही, अंधविश्वास फैलाने, झाड़-फूंक व तंत्र-मंत्र के नाम पर लूटने का काम कर रहे थे। इन्हीं गतिविधियों पर रोक लगाने हेतु उत्तराखंड पुलिस द्वारा “ऑपरेशन कालनेमि” शुरू किया गया है।
एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल के नेतृत्व में हरिद्वार जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने बीते कुछ दिनों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर फर्जी साधुओं को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी का विस्तृत ब्यौरा
एसएसपी डोबाल के अनुसार:
• देहात क्षेत्र की टीम ने कलियर क्षेत्र से 06 फर्जी साधुओं को गिरफ्तार किया।
• शहर क्षेत्र की टीम की ओर से:
o कोतवाली नगर थाना द्वारा 13 फर्जी बाबा पकड़े गए।
o श्यामपुर थाना से 18 आरोपितों को हिरासत में लिया गया।
o कनखल थाना द्वारा 08 फर्जी बाबाओं को पकड़ा गया।
गिरफ्तार किए गए कुल 45 ढोंगी बाबाओं में से 7 गैर-हिन्दू समुदाय के भी पाए गए हैं, जो हिन्दू साधुओं के वेश में लोगों को धोखा दे रहे थे।
क्या है ऑपरेशन ‘कालनेमि’?
‘कालनेमि’ नाम रामायण के एक पात्र से प्रेरित है, जो राक्षसी प्रवृत्ति का था और साधु का वेश धारण कर श्रीराम के भक्त हनुमान को धोखा देने की कोशिश करता है। इसी सन्दर्भ में यह नाम चुना गया है ताकि ढोंगी बाबाओं की पहचान उजागर कर धार्मिक नगरी की पवित्रता को बचाया जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह ऑपरेशन सिर्फ एक दिन या एक बार की कार्यवाही नहीं, बल्कि यह लगातार चलने वाला अभियान है। इससे समाज में व्याप्त धार्मिक ठगी, अंधविश्वास और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगेगी।
कानूनी कार्यवाही और चालान
पुलिस ने पकड़े गए सभी आरोपितों के खिलाफ विधिक कार्यवाही करते हुए संबंधित धाराओं में चालान किया है। सभी आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया है और जांच जारी है कि वे किन-किन गतिविधियों में शामिल थे। पुलिस का यह भी कहना है कि यदि कोई इनके द्वारा ठगे जाने का शिकार हुआ है, तो वह थाने में संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है।
जनता की भूमिका अहम
हरिद्वार पुलिस ने आम नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि यदि कहीं भी कोई संदिग्ध साधु या बाबा दिखे, जो व्यवहार, भाषा या गतिविधियों से वास्तविक संतों से अलग हो, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इससे ढोंगी बाबाओं की पहचान करने में मदद मिलेगी।
धर्माचार्यों और अखाड़ों का समर्थन
इस अभियान को हरिद्वार के कई प्रमुख अखाड़ों, संत समाज और धर्माचार्यों का भी समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि ऐसे फर्जी बाबाओं की वजह से असली संत समाज की छवि धूमिल होती है। “जो बाबा गंगा की महत्ता को नहीं जानते, वे साधु कैसे हो सकते हैं?” – एक महंत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा।