वॉशिंगटन/नई दिल्ली।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वैश्विक व्यापारिक मोर्चे पर आक्रामक रुख अपनाते हुए फिलीपींस समेत छह और देशों पर भारी आयात शुल्क लगाने की घोषणा की है। 1 अगस्त 2025 से लागू होने वाले इस निर्णय के तहत लीबिया, इराक, अल्जीरिया, मोल्दोवा, ब्रुनेई और फिलीपींस से आने वाले आयात पर 20% से 30% तक की टैरिफ दरें लागू होंगी।
किन देशों पर कितना टैरिफ?
राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भेजे गए औपचारिक पत्रों के अनुसार, नए टैरिफ की दरें इस प्रकार होंगी:
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लीबिया, इराक, अल्जीरिया: 30% आयात शुल्क
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मोल्दोवा, ब्रुनेई: 25% आयात शुल्क
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फिलीपींस: 20% आयात शुल्क
इस कदम के साथ इस सप्ताह टैरिफ से प्रभावित होने वाले देशों की संख्या 20 हो चुकी है। इससे पहले ट्रंप प्रशासन कंबोडिया, थाईलैंड, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों पर भी इसी तरह के टैरिफ बढ़ा चुका है।
समयसीमा अंतिम, कोई रियायत नहीं: ट्रंप
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक कैबिनेट बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि:
“1 अगस्त की समयसीमा अंतिम है। इस तारीख के बाद कोई बातचीत नहीं होगी। अगर कोई देश टैरिफ को लेकर चर्चा करना चाहता है, तो उन्हें 1 अगस्त से पहले समझौता करना होगा।“
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि अन्य देश अपने टैरिफ बढ़ाते हैं, तो अमेरिका भी अपने आयात शुल्क और अधिक बढ़ाएगा।
‘रिसिप्रोकल टैरिफ’ नीति की वापसी
गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन ने अप्रैल 2025 में “रिसिप्रोकल टैरिफ” (Reciprocal Tariff) नीति की घोषणा की थी, लेकिन इसे 90 दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया था। अब 07 जुलाई को हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश के तहत इस नीति को 1 अगस्त से लागू किया जाएगा।
इस नीति के तहत, अमेरिका उन देशों पर टैरिफ लगाएगा जो अमेरिकी वस्तुओं पर अधिक शुल्क लगाते हैं।
कौन से देश फिलहाल टैरिफ से बचे हुए हैं?
अब तक केवल कुछ देशों को ही इस टैरिफ नीति से छूट मिली है:
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यूनाइटेड किंगडम और वियतनाम: अमेरिका के साथ व्यापक व्यापार समझौते
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चीन: अमेरिका के साथ रूपरेखा समझौता
इन समझौतों के कारण इन देशों को फिलहाल टैरिफ में राहत दी गई है।
इस फैसले का वैश्विक असर
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विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा
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उद्योगों और निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा कठिन होगी
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ट्रंप की आक्रामक ट्रेड नीति अमेरिकी चुनाव से पहले सुर्खियों में