बागेश्वर। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रभावी क्रियान्वयन में बागेश्वर जिले ने हाल ही में अपनी उत्कृष्ट उपलब्धि साबित की है। जिले ने समीक्षा रिपोर्ट में सर्वोत्तम प्रदर्शन किया, जिससे जिले के प्रशासन और सरकारी अधिकारियों को सराहा गया है। जिलाधिकारी आशीष भटरांई ने जिले की इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की और संबंधित विभागों को बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने सभी विभागों से 100 प्रतिशत लक्ष्य को हासिल करने का आह्वान भी किया।
समीक्षा रिपोर्ट का महत्वपूर्ण आंकड़ा:
समीक्षा रिपोर्ट में बताया गया है कि बागेश्वर जिले में यूसीसी से संबंधित आवेदनों की अनुमोदन दर 95 प्रतिशत रही है, जो बेहद सराहनीय है। वहीं, अस्वीकृति दर केवल 3 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह दर्शाता है कि जिले में यूसीसी के पंजीकरण की प्रक्रिया के दौरान ज्यादातर आवेदन स्वीकृत हो रहे हैं, और केवल कुछ ही अस्वीकृत हो रहे हैं। इससे यह भी संकेत मिलता है कि प्रशासन द्वारा पंजीकरण प्रक्रिया में कोई महत्वपूर्ण रुकावट या समस्या नहीं आ रही है।
लंबित अपीलों का न्यूनतम स्तर:
यूसीसी से संबंधित अपीलों की लंबित दर भी जिले में 0.07 प्रतिशत के बेहद न्यूनतम स्तर पर रही है। इसका मतलब यह है कि पंजीकरण से जुड़ी अधिकतर अपीलें समय पर निस्तारित हो रही हैं और लंबित मामलों का आंकड़ा भी बहुत कम है।
विवाह पंजीकरण में बागेश्वर की प्रमुख स्थिति:
बागेश्वर जिले ने विवाह पंजीकरण में भी राज्य में सर्वाधिक सफलता प्राप्त की है। जिले में 56% विवाहित जोड़ों का पंजीकरण कर लिया गया है, जो राज्य में अन्य जिलों के मुकाबले सबसे अधिक है। यह उपलब्धि न केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली की प्रमाणिकता को दर्शाती है, बल्कि जिले में नागरिकों के बीच जागरूकता और यूसीसी के प्रति उत्साह का भी प्रतीक है।
सरकारी कर्मियों में उच्च पंजीकरण दर:
सरकारी कर्मियों में विवाह पंजीकरण की दर 99.69 प्रतिशत तक पहुँच गई है, जो एक उत्कृष्ट उपलब्धि है। यह दिखाता है कि सरकारी कर्मचारियों के बीच पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर गहरी जागरूकता है और उन्होंने इस प्रक्रिया में भाग लिया है। यह सकारात्मक संकेत है कि सरकारी कर्मचारी नागरिकों को सही दिशा में मार्गदर्शन देने में मदद कर रहे हैं।
लंबित आवेदन:
जिले में 15 दिनों से अधिक समय से लंबित केवल 11 आवेदन हैं, जो प्रशासन की कार्यक्षमता को साबित करते हैं। इसका मतलब है कि जिले में यूसीसी से संबंधित ज्यादातर आवेदन बहुत ही कम समय में निस्तारित हो रहे हैं, जिससे नागरिकों को समय पर सेवाएं मिल रही हैं।
ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों से आवेदन प्राप्त हुए:
सभी ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों से पूल के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिससे यह साबित होता है कि जिले में यूसीसी का प्रभाव व्यापक रूप से फैल रहा है और नागरिक इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल हो रहे हैं। यह जिलाधिकारी द्वारा किए गए जागरूकता अभियानों और प्रशासन के प्रयासों का परिणाम है।
डीएम आशीष भटरांई की अपील:
डीएम आशीष भटरांई ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की और सभी नागरिकों से यूसीसी पंजीकरण कराने की अपील की। उन्होंने कहा, “यह सफलता जिले की टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूँ कि वे अपने पंजीकरण को समय पर करवाएं ताकि हम इस पहल को और भी अधिक प्रभावी बना सकें।”
उम्मीद है कि बागेश्वर जिले की इस सफलता से अन्य जिले भी प्रेरित होंगे और यूसीसी के प्रभावी क्रियान्वयन में अपनी भूमिका निभाएंगे। यह एक सकारात्मक कदम है, जो राज्य में समान नागरिक संहिता को लागू करने के लिए जरूरी आधार तैयार करता है।