सेबी ने जेन स्ट्रीट ग्रुप पर लगाया प्रतिबंध: ₹4,843 करोड़ की अवैध कमाई जब्त करने का आदेश

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अमेरिकी ट्रेडिंग फर्म जेन स्ट्रीट ग्रुप पर भारतीय शेयर बाजार में हेरफेर के आरोप में कड़ा एक्शन लिया है। सेबी ने कंपनी को भारतीय प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है और ₹4,843.57 करोड़ की कथित अवैध कमाई को जब्त करने का आदेश दिया है। यह सेबी द्वारा किसी विदेशी ट्रेडिंग फर्म के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा डिस्गॉर्जमेंट आदेश माना जा रहा है।
मामला क्या है?
सेबी की 15 महीने की जांच में पता चला कि जेन स्ट्रीट ने बैंक निफ्टी और निफ्टी 50 इंडेक्स के स्तरों को प्रभावित करने के लिए दो प्रमुख रणनीतियों—इंट्राडे इंडेक्स मैनिपुलेशन’
और **‘एक्सटेंडेड मार्किंग द क्लोज’**—का उपयोग किया। इन रणनीतियों के तहत, फर्म ने सुबह के सत्र में बैंक निफ्टी के घटक शेयरों और फ्यूचर्स में आक्रामक खरीदारी की, जिससे इंडेक्स में तेजी आई। बाद में, दिन के अंत में इन्हीं शेयरों को भारी मात्रा में बेचकर इंडेक्स को नीचे लाया गया, जिससे ऑप्शंस ट्रेडिंग में भारी मुनाफा कमाया गया।
सेबी ने 18 ट्रेडिंग सत्रों (15 बैंक निफ्टी और 3 निफ्टी 50 से संबंधित) में ऐसी गतिविधियों का पता लगाया, जहां जेन स्ट्रीट ने *तेज, बड़े और आक्रामक हस्तक्षेप’** किए। इन गतिविधियों ने रिटेल निवेशकों को गुमराह किया और प्रोहिबिशन ऑफ फ्रॉडुलेंट एंड अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिसेज (PFUTP) नियमों का उल्लंघन किया।

आंकड़े और प्रभाव
– **मुनाफा**: जनवरी 2023 से मार्च 2025 के बीच, जेन स्ट्रीट ने इंडेक्स ऑप्शंस से ₹43,289 करोड़ का मुनाफा कमाया, जिसमें स्टॉक फ्यूचर्स और कैश ट्रेड्स में ₹7,687 करोड़ का नुकसान शामिल था, जिसके परिणामस्वरूप शुद्ध लाभ ₹36,502 करोड़ रहा।
– **उदाहरण**: 17 जनवरी 2024 को, जेन स्ट्रीट ने एक ही दिन में ₹734.93 करोड़ का मुनाफा कमाया, जिसमें ICICI बैंक, एक्सिस बैंक, और HDFC बैंक जैसे शेयरों में सुबह खरीदारी और दोपहर में बिकवाली की गई।
– **प्रभावित शेयर**: निफ्टी 50 के प्रमुख शेयर जैसे रिलायंस इंडस्ट्रीज, इन्फोसिस, TCS, HDFC लाइफ, ITC, L&T, अदानी समूह, बजाज ट्विन्स, सन फार्मा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा मोटर्स, NTPC, और पावर ग्रिड को प्रभावित किया गया।

सेबी का एक्शन
– **प्रतिबंध**: जेन स्ट्रीट की चार इकाइयों—JSI इनवेस्टमेंट्स, JSI2 इनवेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, जेन स्ट्रीट सिंगापुर प्राइवेट लिमिटेड, और जेन स्ट्रीट एशिया ट्रेडिंग—को भारतीय बाजारों में ट्रेडिंग से रोक दिया गया है।
– **खातों पर रोक**: सेबी ने बैंकों को निर्देश दिया है कि इन इकाइयों के खातों से कोई निकासी बिना अनुमति के न हो।
– **जांच जारी**: सेबी ने केवल बैंक निफ्टी और निफ्टी ट्रेड्स की जांच पूरी की है। सेंसेक्स, फिन निफ्टी, बैंकएक्स, निफ्टी IT इंडेक्स, और निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में भी संभावित हेरफेर की जांच चल रही है।

जेन स्ट्रीट का जवाब
जेन स्ट्रीट ने सेबी के अंतरिम आदेश को खारिज करते हुए कहा कि वह इसकी जांच से असहमत है और नियामक के साथ आगे की बातचीत करेगी। कंपनी ने दावा किया कि वह हमेशा नियमों के अनुपालन में काम करती है।

बाजार पर प्रभाव
– **सकारात्मक प्रतिक्रिया**: बाजार पर्यवेक्षकों ने सेबी के इस कदम की सराहना की है, इसे पूंजी बाजारों की सुरक्षा के लिए सकारात्मक कदम बताया है।
– **नकारात्मक प्रभाव**: ज़ेरोधा के सीईओ नितिन कामथ ने चेतावनी दी कि यह प्रतिबंध एक्सचेंजों और ब्रोकर्स के लिए परेशानी का कारण बन सकता है, क्योंकि जेन स्ट्रीट जैसे प्रॉप ट्रेडिंग फर्म्स डेरिवेटिव्स मार्केट में ऑप्शंस वॉल्यूम का बड़ा हिस्सा लाते हैं।
– **बाजार की स्थिति**: प्रतिबंध की खबर के बाद निफ्टी और सेंसेक्स क्रमशः 25,400 और 83,300 के ऊपर खुले, लेकिन स्मॉल और मिडकैप शेयरों में सतर्कता देखी गई।
विशेष जानकारी
– सेबी की जांच अप्रैल 2024 में मीडिया रिपोर्ट्स के बाद शुरू हुई, जिसमें जेन स्ट्रीट पर अनधिकृत प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग रणनीतियों का आरोप लगा था।
– फरवरी 2025 में NSE ने जेन स्ट्रीट को हाई-रिस्क इंडेक्स ऑप्शंस रणनीतियों से बचने की सलाह दी थी, लेकिन फर्म ने इसका पालन नहीं किया।
– जेन स्ट्रीट ने भारत में चार इकाइयों के माध्यम से संचालन किया, जिनमें दो भारत में और दो हॉन्गकॉन्ग व सिंगापुर में हैं।
निष्कर्ष
सेबी का यह कदम भारतीय बाजारों में पारदर्शिता और निवेशक हितों की रक्षा के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है। जेन स्ट्रीट के खिलाफ चल रही जांच और संभावित अतिरिक्त आदेश भविष्य में और सख्ती की ओर इशारा करते हैं। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे सतर्क रहें और बाजार की गतिविधियों पर नजर रखें।

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