ED की बड़ी कार्रवाई: झारखंड की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 8 ठिकानों पर छापेमारी
Ashish Singh
Ranchi: झारखंड की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को ईडी ने रांची और हजारीबाग समेत कुल 8 ठिकानों पर छापेमारी की। यह छापेमारी अंबा प्रसाद के रिश्तेदारों और करीबी लोगों के ठिकानों पर की गई है, जिनमें रांची के हरमू रोड स्थित किशोरगंज और हजारीबाग के बड़कागांव क्षेत्र शामिल हैं।
इस छापेमारी का उद्देश्य आरकेटीसी ट्रांसपोर्टिंग कंपनी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच करना है, जिसे लेकर ईडी की टीम ने रांची, हजारीबाग और बड़कागांव समेत कुल आठ स्थानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया। इन ठिकानों पर कार्रवाई विशेष रूप से अंबा प्रसाद के करीबी रिश्तेदार संजीत, उनके निजी सहायक संजीव साव, मनोज दांगी और पंचम कुमार के आवासों पर की जा रही है।
पहले भी की थी छापेमारी
यह पहली बार नहीं है जब अंबा प्रसाद के खिलाफ छापेमारी की गई हो। इससे पहले, 18 मार्च 2024 को ईडी ने अंबा प्रसाद के हजारीबाग स्थित ठिकानों पर छापेमारी की थी, जहां ईडी ने उनके पिता योगेंद्र साव और उनके रिश्तेदारों के 17 ठिकानों पर दबिश दी थी। उस कार्रवाई में अवैध खनन, लेवी वसूली और अन्य आर्थिक अपराधों से संबंधित कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़ जब्त किए गए थे। इन दस्तावेजों के आधार पर जांच को और आगे बढ़ाया गया था।
ईडी ने इस बार भी उसी मामले की जांच के तहत अपनी कार्रवाई को तेज किया है। विशेष रूप से मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी गतिविधियों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिए यह सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध खनन के आरोप
प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि अंबा प्रसाद और उनके करीबी लोग अवैध खनन, लेवी वसूली और अन्य आर्थिक अपराधों में संलिप्त रहे हैं। ईडी ने पहले ही इस मामले में कई ठिकानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त किया था, जिनके आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी गतिविधियों की जांच की जा रही है।
पूर्व मंत्री योगेंद्र प्रसाद और अंबा प्रसाद के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने जमीन से जुड़े मामलों में समन भी भेजा था। यह समन उन दोनों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध खनन से संबंधित कई जांचों का हिस्सा हैं।
ईडी की कार्रवाई और आगामी जांच
प्रवर्तन निदेशालय की टीम अब लगातार अंबा प्रसाद और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ छापेमारी और साक्ष्य संग्रहण की कार्रवाई जारी रखे हुए है। इस छापेमारी के दौरान, दस्तावेजों की जब्ती और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़ की जांच से मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में नए तथ्यों का खुलासा हो सकता है, जो जांच के दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
ईडी की टीम के सूत्रों के अनुसार, इस मामले की जांच और छापेमारी की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
निष्कर्ष:
झारखंड की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद और उनके परिवार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने एक बार फिर सख्त कदम उठाया है। यह छापेमारी जांच के और भी पहलुओं को उजागर करने के लिए की जा रही है, और भविष्य में और भी खुलासे हो सकते हैं।