प्रधानमंत्री मोदी आज से पांच देशों की यात्रा पर, ब्राजील में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज से पांच देशों की आठ दिवसीय (2-9 जुलाई) विदेश यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। इस यात्रा के दौरान वे घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया का दौरा करेंगे। इस बहुप्रतीक्षित यात्रा का प्रमुख उद्देश्य भारत के वैश्विक संबंधों को और सुदृढ़ करना तथा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी को मजबूती देना है। प्रधानमंत्री ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में 6-7 जुलाई को आयोजित होने वाले 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

प्रधानमंत्री की इस महत्वपूर्ण यात्रा की जानकारी विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा 30 जून को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी गई। सचिव (पूर्व) पी. कुमारन ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का सबसे अहम चरण ब्राजील है, जहां वे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा से द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।

घाना: तीन दशक बाद प्रधानमंत्री की यात्रा

प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा की शुरुआत 2-3 जुलाई को घाना से करेंगे। यह यात्रा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा 30 वर्षों के अंतराल के बाद यह दौरा हो रहा है। इस दौरान मोदी घाना की संसद को संबोधित करेंगे और भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ संवाद करेंगे। भारत और घाना के बीच शिक्षा, तकनीकी सहयोग और व्यापार के क्षेत्र में कई समझौते होने की संभावना है।

त्रिनिदाद और टोबैगो: भारतीय मूल के नेताओं से मुलाकात

प्रधानमंत्री 3-4 जुलाई को त्रिनिदाद और टोबैगो की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। यह यात्रा वहां की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर के आमंत्रण पर हो रही है। इस वर्ष देश में भारतीय प्रवासियों के आगमन की 180वीं वर्षगांठ भी मनाई जा रही है। खास बात यह है कि त्रिनिदाद और टोबैगो के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों भारतीय मूल की महिलाएं हैं और दोनों ही पेशे से अधिवक्ता हैं। इस यात्रा के दौरान भारत और इस कैरेबियाई देश के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक जुड़ाव को और गहरा करने पर जोर रहेगा।

अर्जेंटीना: रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा नया आयाम

4-5 जुलाई को अर्जेंटीना में प्रधानमंत्री मोदी वहां के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई के आमंत्रण पर आधिकारिक यात्रा करेंगे। इस दौरान रक्षा, कृषि, ऊर्जा, खनन, व्यापार और जन-संपर्क जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश की जाएगी।

ब्राजील: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का प्रमुख पड़ाव

6-7 जुलाई को रियो डी जेनेरियो, ब्राजील में प्रधानमंत्री मोदी ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेंगे। ब्रिक्स के इस 17वें शिखर सम्मेलन का विषय है: “समावेशी और सतत शासन के लिए वैश्विक दक्षिण सहयोग को मजबूत करना”। ब्रिक्स संगठन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ-साथ हाल ही में शामिल हुए कुछ नए सदस्य देश भी हैं। अगले वर्ष भारत को ब्रिक्स की अध्यक्षता मिलने जा रही है, इसलिए यह सम्मेलन भारत की भूमिका को लेकर भी अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा से भी द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें व्यापार, पर्यावरण और वैश्विक शासन जैसे मुद्दे शामिल होंगे।

नामीबिया: द्विपक्षीय संबंधों को नया आधार

प्रधानमंत्री मोदी अपनी विदेश यात्रा के अंतिम चरण में 9 जुलाई को नामीबिया का दौरा करेंगे। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 27 वर्षों के बाद पहली यात्रा होगी। इस वर्ष मार्च में सत्ता में आईं राष्ट्रपति नेटुम्बो नांदी-नदैतवा के कार्यकाल में यह पहली उच्चस्तरीय भारत यात्रा होगी। प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और नामीबिया की संसद को संबोधित करेंगे। इसके अलावा, वे देश के संस्थापक स्वर्गीय सैम नुजोमा को श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगे।

विदेश मंत्रालय के सचिव (आर्थिक संबंध) दम्मू रवि ने कहा कि इस यात्रा से भारत के वैश्विक दक्षिण के साथ सहयोग को और बल मिलेगा। यह विदेश नीति के तहत भारत की ‘ग्लोबल रीच’ को दिखाता है, जो राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्तर पर साझेदार देशों के साथ मजबूत संबंधों की दिशा में अग्रसर है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा जहां ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंच पर भारत की भूमिका को सशक्त करेगी, वहीं यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे भारत की वैश्विक कूटनीतिक स्थिति और मजबूत होगी।

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