सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार
मालीगांव।पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसी रेलवे) के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लमडिंग मंडल के अधीन त्रिपुरा के प्रमुख रेलवे प्रतिष्ठानों और परिचालन सुविधाओं का दो दिवसीय निरीक्षण किया। यह निरीक्षण 18 जून को धर्मनगर रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ था। इसके बाद धर्मनगर से अगरतला स्टेशन तक विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया गया।
इस विधि में चलती ट्रेन से ट्रैक और बुनियादी संरचना का बारीकी से निरीक्षण शामिल होने के साथ ही ट्रैक ज्यामिति, बलास्ट की स्थिति और अन्य संरक्षा-महत्वपूर्ण घटकों, विशेष रूप से ट्रेन परिचालन में ट्रैक संरक्षा से संबंधित, की त्रुटियों का पता लगाना शामिल है। यह इसलिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि त्रिपुरा जैसे क्षेत्रों में अस्थिर भूभाग के साथ भारी वर्षा होती है।
19 जून को महाप्रबंधक ने अगरतला कोचिंग डिपो का निरीक्षण किया, जो इस क्षेत्र में पैसेंजर कोच की सफाई, अनुरक्षण और परिचालन तत्परता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अनुरक्षण कार्यों, संरक्षा अनुपालन और बढ़ते परिवहन मांगों को पूरा करने के लिए सुविधा की क्षमता का आकलन करने के लिए गहन समीक्षा की गई। इस अवसर पर महाप्रबंधक ने अगरतला कोचिंग डिपो में एक नव स्थापित इलेक्ट्रॉनिक लैबोरेट्री का भी उद्घाटन किया।
उन्होंने अगरतला में स्टाफ रनिंग रूम का भी दौरा किया, जो ट्रेन परिचालन कर्मी दल के लिए एक महत्वपूर्ण विश्राम स्थल है। इस निरीक्षण में रहने की स्थिति, स्वच्छता मानकों और प्रदान की जाने वाली सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया, जो सभी चालक कर्मी दल की सतर्कता और सुरक्षित ट्रेन परिचालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं।
निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने रेल कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों से बातचीत की। संरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा कर बुनियादी ढांचे, यात्री सुविधा और समय की पाबंदी में उच्च मानकों को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को विशेष रूप से चल रहे मानसून के मौसम को देखते हुए सतर्क और सक्रिय रहने का निर्देश दिया।
यह निरीक्षण पूर्वोत्तर के सुदूर और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सेवा की गुणवत्ता और संरक्षा बढ़ाने की दिशा में पूसी रेलवे के चल रहे प्रयासों को रेखांकित करता है। बुनियादी ढांचे की अवस्था, चालक कर्मी दल के कल्याण और परिचालन तत्परता पर ध्यान केंद्रित करते हुए, यह दौरा पूरे त्रिपुरा राज्य में विश्वसनीय और कुशल रेल सेवाएं प्रदान करने के प्रति जोन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।