डॉ० एस० राधाकृष्णन् शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, सुकरीगढ़ा, लारी, रामगढ़ में महाविद्यालय के आइ०क्यू०ए०सी० के तत्वावधान में टर्टल फॉउन्डेशन फॉर रिसर्च एंड एडुकेशन ट्रस्ट (TFRE) के सहयोग से दो दिवसीय बहुविषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि श्री योगेन्द्र प्रसाद (माननीय मंत्री, झारखण्ड सरकार, पेयजल एवं स्वच्छता, उत्पाद एवं मद्य निषेध) विशिष्ट अतिथि डॉ अंजनी कुमार श्रीवास्तव (पूर्व कुलपति, बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, धनबाद), डॉ निर्मल मंडल (कुलसचिव, राधा गोविन्द विश्वविद्यालय, रामगढ़), मुख्य वक्ता डॉ संजय सिंह (सहायक प्राध्यापक, अर्थशास्त्र विभाग, रामगढ़, महिला महाविद्यालय, रामगढ़), डॉ रंजना श्रीवास्तव (डीन, सामाजिक विज्ञान संकाय, बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, धनबाद) प्रो० (डॉ०) मृत्युन्जय प्रसाद (शिक्षा विभाग, वि०भा०वि०, हजारीबाग), डॉ अन्जु तिवारी (एच०ओ०डी०, शिक्षा विभाग, राधा गोविन्द विश्वविद्यालय, रामगढ़), डॉ संज्ञा प्रसाद (प्राचार्य, चितरपुर महाविद्यालय, चितरपुर, रामगढ़), डॉ जी० आर० चौरिया (प्राचार्य, महर्षि परमहंस कॉलेज ऑफ ऐडुकेशन, रामगढ़), मातृ संस्था जन आकांक्षा सोसाइटी के सचिव श्री मणिकान्त सिंहा, महाविद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री रितेश कुमार, महाविद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव श्री संजय प्रभाकर, सम्मानित सदस्य मनीष कुमार एवं महेन्द्र प्रसाद गुप्ता, प्राचार्य डॉ सुशील कुमार उपाध्याय, टर्टल फॉउन्डेशन फॉर रिसर्च एंड एडुकेशन ट्रस्ट (TFRE) के अध्यक्ष डॉ सुनील कुमार अग्रवाल (हेड एंड डीन, फेकल्टी ऑफ कॉमर्स, वि०भा०वि०, हजारीबाग), सेमिनार समन्वयक श्री आशेष आनन्द (सचिव, टी०एफ०आर०३०, रामगढ़), सेमिनार संयुक्त समन्वयक श्रीमती अंजली सिंह (ट्रस्टी, टी०एफ०आर०३०, रामगढ), प्रबंध ट्रस्टी श्री तारा शंकर अग्रवाल (टी०एफ०आर०३०, रामगढ) पत्रकार बंधु, शिक्षकगण, शोधकर्ता, एवं प्रशिक्षु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारम्भ डॉ० राधाकृष्णन् के चित्र पर दिप-पुष्प अर्पित कर कुलगीत के साथ किया गया तत्पश्चात सभी अतिथियों का सम्मान शॉल, मोमेन्टो एवं पौधा देकर किया गया। क्रमशः सभी अतिथियों ने बारी-बारी से राष्ट्रीय संगोष्ठी के विषय में विभिन्न उप-विषयों पर अपने-अपने विचार रखे। मंच का संचालन सहायक प्राध्यापक श्री नयन कुमार मित्रा एवं व्याख्याता श्रीमती सुप्रिया बर्मन के द्वारा किया गया।
बहुविषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में दस राज्यों के शोधकर्ताओं ने भाग लिया, भाग लेने वालों में राजस्थान, कर्नाटक, बंगाल, हरियाणा, उड़ीसा, बिहार एवं झारखण्ड इत्यादि थे। संगोष्ठी स्मारिका का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया, जिसमें कुल 110 आलेख लेखबद्ध हैं।
उपस्थित शिक्षकों में सहायक प्राध्यापक मो० परवेज अखतर, डॉ अशोक राम, व्याख्याताओं में श्री बाबुचन्द प्रसाद, श्रीमती सुलेखा कुमारी, वरूण कुमार तथा कर्मचारियों में श्री नन्दलाल कुमार, सुश्री श्रेया गुप्ता, बबलु कुमार, दीप्ति लकड़ा इत्यादि मौजूद रहे। अन्त में धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यापक श्रीमती इन्दु कुमारी झा ने दिया।