झारखंड में मिलेट की खेती, बिक्री, विपणन और योजनाओं में स्थानीय किसानों, एफपीओ, संस्थाओं और एग्रीटेक कंपनियों को प्राथमिकता देने के संबंध में जेएलकेएम प्रतिनिधिमंडल द्वारा कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की को पत्र सौंपा गया।
जेएलकेएम के केंद्रीय सचिव सह प्रवक्ता संतोष महतो ने कहा कि जेएलकेएम के द्वारा कृषि एवं पशुपालन मंत्रालय को पत्र लिखा गया और इसके माध्यम से झारखंड राज्य में मिलेट की खेती को बढ़ावा देने और इसके साथ ही स्थानीय किसानों, एफपीओ, संस्थाओं और एग्रीटेक कंपनियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से लिखा जा रहा है।
जैसा कि आप जानते हैं, मिलेट न केवल पौष्टिक आहार है, बल्कि यह कम पानी और कम उपजाऊ भूमि में भी उगाया जा सकता है, जो झारखंड की कृषि परिस्थितियों के लिए अत्यंत उपयुक्त है।झारखंड सरकार द्वारा मिलेट की खेती को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जो स्वागत योग्य हैं। हालांकि, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि इन योजनाओं का लाभ राज्य के स्थानीय किसानों, एफपीओ, संस्थाओं और एग्रीटेक कंपनियों को ही मिले।
इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि राज्य में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। कृषि मंत्री से अनुरोध किया गया है कि निम्नलिखित बिंदुओं पर विचार करते हुए प्रभावी कदम उठाएं जैसे कि स्थानीय किसानों को प्राथमिकता दिया जाए। मिलेट की खेती के लिए किसानों को बीज, उर्वरक और तकनीकी सहायता प्रदान करने में स्थानीय किसानों को प्राथमिकता दी जाए।
एफपीओ को सशक्त बनाना सुनिश्चित हो,किसानों के उत्पाद की बिक्री और विपणन के लिए स्थानीय एफपीओ को प्रोत्साहित किया जाए और उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान की जाए।स्थानीय संस्थाओं को शामिल कर मिलेट की खेती और प्रसंस्करण से संबंधित योजनाओं में स्थानीय कृषि अनुसंधान संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों और गैर-सरकारी संगठनों को प्रभावी किया जाए।
राज्य के ही एग्रीटेक कंपनियों का सहयोग लिया जाए और मिलेट की खेती और विपणन में आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने के लिए स्थानीय एग्रीटेक कंपनियों को प्रोत्साहित किया जाए और उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान की जाए।
स्थानीय बाजारों को बढ़ावा दिया जाए ताकि स्थानीय स्तर पर मिलेट उत्पादों के लिए बाजार विकसित किए जाए और स्थानीय व्यापारियों को प्रोत्साहित किया जा सके।जागरूकता अभियान प्रारंभ हो जिसके तहत मिलेट के लाभों के बारे में किसानों और उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए व्यापक प्रयास सुनिश्चित हो सके।स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिले और राज्य के स्थानीय मिलेट उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जाएं।प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण का प्रायोगिक क्रियान्वयन हो और स्थानीय किसानों, एफपीओ और संस्थाओं को मिलेट की खेती, प्रसंस्करण और विपणन में प्रशिक्षित करने के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाए। जेएलकेएम ने विश्वास जताया है कि कृषि मंत्री के नेतृत्व में झारखंड सरकार मिलेट की खेती को बढ़ावा देने और स्थानीय किसानों, एफपीओ, संस्थाओं और एग्रीटेक कंपनियों को सशक्त बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाएंगी।पत्र सौंपने में जेएलकेएम के प्रतिनिधि मंडल में केंद्रीय संगठन महासचिव सुधीर अकेला,केंद्रीय सचिव सह प्रवक्ता संतोष महतो,संस्थापक सदस्य देवानंद नायक शामिल थे।