महागठबंधन : नहीं बन पा रही सहमती, उलझी गुत्थी

पटना: बिहार में विधानसभा चुनाव होने ही वाला है। इससे पहले ही सियासी गतिविधियां तेज हो गई है। खासकर की सीएम पद और सीटों को लेकर। इस वजह से महागठबंधन में मंत्री पदों को लेकर संशय शुरू हो गया है। पटना में गुरुवार को महागठबंधन की एक बैठक हुई, लेकिन सीटों के बंटवारे और मुख्यमंत्री चेहरे जैसे मुद्दों पर किसी की सहमति नहीं बन सकी। बताया गया कि कांग्रेस ने फिलहाल तेजस्वी यादव को सीएम फेस नहीं बनाना चाहती है। ये बात तब और पुख्ता हुई जब बिहार कांग्रेस के प्रभारी से CM फेस के बारे में पूछा गया और उन्होंने मौन साध लिया। इसके साथ ही दूसरी सीटों के बंटवारे पर भी कोई निर्णय नहीं हो सका। हालांकि सभी दलों ने आपसी सहमति से एक कोऑर्डिनेशन कमिटी बनाई है। इस कमिटी में सभी दलों के नेता शामिल रहेंगे। जिसका नेतृत्व तेजस्वी यादव करेंगे।

महागठबंधन में क्‍या है दिक्‍कत

CM फेस और सीटों के बंटवारे पर पेंच फंसा हुआ है।
कांग्रेस तेजस्वी यादव को नहीं बनाना चाहती CM फेस।
बनाई जाएगी कोऑर्डिनेशन कमेटी।
तेजस्वी यादव करेंगे कोऑर्डिनेशन कमेटी का नेतृ्त्व।

महागठबंधन में गांठ!
आपको बता दें की RJD 2020 की तरह 144 सीटों पर लड़ेगी। वहीं तेजस्वी ही CM पद के दावेदार होंगे।
वहीं जब महागठबंधन की मीटिंग हुई तो कांग्रेस ने दो मुद्दों पर पेंच फंसा दिया। कांग्रेस ने 70 सीट की मांग की और साथ ही डिप्टी CM का पद भी मांगा है।
बात अगर मुकेश सहनी की जाए तो उन्होंने शर्त रखी हैं की VIP को 60 सीट चाहिए। मुकेश सहनी ने डिप्टी CM के पद की मांग भी की है।

लेफ्ट पार्टी CPI(ML) ने 30 सीटों की मांग की है। CPI, CPM फिलहाल सीएम और डिप्टी सीएम के मामले में चुप है।

 

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