रामनवमी पर जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा भुरकुंडा क्षेत्र

भुरकुंडा : रामनवमी के शुभ अवसर पर भुरकुंडा में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रीराम भक्तों की विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे क्षेत्र में “जय श्रीराम” के गगनभेदी जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया।

भव्य शोभायात्रा ने मोहा मन

भुरकुंडा में भव्य मंगल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें रामभक्तों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान की आकर्षक झांकियां शामिल की गईं, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनीं। शोभायात्रा का स्वागत जगह-जगह पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ किया गया।

धार्मिक उल्लास और भक्ति का अनोखा संगम

रामनवमी उत्सव में लक्ष्मी टॉकीज रामनवमी मैदान पर श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। यहां उपस्थित लोगों ने रामधुन, भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ धार्मिक आयोजन का आनंद लिया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद गिरिधारी यादव, कई विधायकों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।

हजारों भक्तों का उमड़ा जनसैलाब

रामनवमी पर जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा भुरकुंडा क्षेत्र

भुरकुंडा : रामनवमी के शुभ अवसर पर भुरकुंडा में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रीराम भक्तों की विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे क्षेत्र में “जय श्रीराम” के गगनभेदी जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया।

भव्य शोभायात्रा ने मोहा मन

भुरकुंडा में भव्य मंगल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें रामभक्तों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान की आकर्षक झांकियां शामिल की गईं, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनीं। शोभायात्रा का स्वागत जगह-जगह पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ किया गया।

 

रामनवमी उत्सव में लक्ष्मी टॉकीज रामनवमी मैदान पर श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। यहां उपस्थित लोगों ने रामधुन, भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ धार्मिक आयोजन का आनंद लिया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद गिरिधारी यादव, कई विधायकों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।

हजारों भक्तों का उमड़ा जनसैलाब

शोभायात्रा में हजारों की संख्या में रामभक्त शामिल हुए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवा ध्वज लहराकर पूरे क्षेत्र को राममय बना दिया। हनुमान चालीसा और राम भजन गाते हुए भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

भोजन और प्रसाद वितरण

भुरकुंडा के प्रमुख चौक-चौराहों और मंदिर परिसरों में भक्तों के लिए खिचड़ी और शरबत का वितरण किया गया। समिति के सदस्यों और स्थानीय समाजसेवियों ने श्रद्धालुओं की सेवा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

रामनवमी के मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। भुरकुंडा थाना प्रभारी सहित पुलिस बल पूरे मार्ग पर तैनात रहा, जिससे शोभायात्रा शांति और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सकी।

नेताओं और समाजसेवियों ने क्या कहा?

रामनवमी के अवसर पर कई जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी:

शंकर यादव – “रामनवमी का यह पावन पर्व हम सभी के लिए आस्था और एकता का संदेश लेकर आता है। भुरकुंडा की जनता हर साल इसे बड़े श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाती है, जो यहां की धार्मिक संस्कृति को दर्शाता है।”

भैरव सिंह – “भगवान श्रीराम के आदर्श हमें समाज में प्रेम, भाईचारा और न्याय की सीख देते हैं। हम सभी को उनके दिखाए मार्ग पर चलना चाहिए और समाज में शांति बनाए रखनी चाहिए।”

दिलीप अग्रवाल – “रामनवमी पर इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि हमारी संस्कृति और परंपरा आज भी जीवंत है। हमें इस आयोजन को और भव्य बनाने के लिए हर साल मिलकर प्रयास करना चाहिए।”

इन गणमान्य लोगों की रही विशेष उपस्थिति

रामनवमी महोत्सव में कई गणमान्य लोग और समाजसेवी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से रामाशंकर पांडेय, अजय कुमार सिंह, अशोक दत्ता, मोहन लाल, गोपाल मिश्रा, महेश अग्रवाल, उमेश सिंह, शंकर मंडल, सीमा गुप्ता, सुनील कुमार, रोशन सिंह, सुरेंद्र यादव, कुणाल राज, संजय पांडेय, राजेश सिंह, शिव नारायण पांडेय, रामदेव पांडेय, जनार्दन सिंह, पंकज पांडेय, कालू बाबू, राजकुमार चौधरी, चंद्रसेन दास, देवेन्द्र प्रकाश गुप्ता, विकास सिंह, धर्मेंद्र गुप्ता, सतीश वर्मा, मुन्ना तिवारी, मनोज पांडेय, चंदन मिश्रा, दीपक गुप्ता, संदीप सोनी और संतोष सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहे।

श्रद्धालुओं ने दिखाई एकता और भाईचारा

रामनवमी के इस महोत्सव ने समाज में एकता और धार्मिक सद्भावना का संदेश दिया। पूरे आयोजन में किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, जिससे प्रशासन और आयोजन समिति ने संतोष व्यक्त किया।

इस ऐतिहासिक आयोजन ने भुरकुंडा को राममय बना दिया, और रामभक्तों का यह जोश आने वाले वर्षों तक याद रखा जाएगा।

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