प्राकृतिक हर्बल गुलाल से होगी इस बार रामगढ़ की होली और खास

 जिले के अलग-अलग 11 स्थलों पर जेएसएलपीएस द्वारा लगाया गया स्टॉल, उपायुक्त ने की खरीदारी
रामगढ़: इस बार रामगढ़ की होली के रंग कुछ खास होने वाले हैं, क्योंकि जिले की स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाएं पारंपरिक विधि से हर्बल गुलाल तैयार कर रही हैं। पलाश के फूल, चुकंदर, हल्दी और पालक जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से बने ये रंग न केवल त्वचा के लिए सुरक्षित हैं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी हैं।

रामगढ़ जिले के सभी प्रखंडों में कई स्वयं सहायता समूह ‘पलाश ब्रांड’ के अंतर्गत इस हर्बल गुलाल का निर्माण कर रहे हैं। समाहरणालय परिसर में समूह की दीदियों द्वारा निर्मित पलाश हर्बल गुलाल की बिक्री को बढ़ावा देने हेतु प्रदर्शनी सह बिक्री स्टॉल लगाया गया शनिवार को उपायुक्त रामगढ़ श्री चंदन कुमार ने समाहरणालय परिसर में जीएसएलपीएस द्वारा लगाए गए स्टॉल से हर्बल गुलाल की खरीदारी की। साथ ही उन्होंने सभी स्वयं सहायता समूह की दीदियों को शुभकामनाएं देते हुए जिले वासियों से बढ़-चढ़कर पलाश ब्रांड के गुलाल खरीदने की अपील की।

रामगढ़ जिला अंतर्गत कुल 11 स्थलों प्रखंड कार्यालय गोला, ब्लॉक मोड़ करमा मांडू, प्रखंड कार्यालय मांडू, मतकमा चौक भुरकुंडा पतरातु, ब्लॉक चौक पतरातु, जिला समाहरणालय अंतर्गत उपायुक्त कार्यालय, उप विकास आयुक्त कार्यालय, रामगढ़ महाविद्यालय रामगढ़, सुभाष चौक रामगढ़, नया मोड़ चौक चितरपुर, प्रखंड कार्यालय दुलमी में हर्बल गुलाल की बिक्री हेतु स्टॉल लगाया गया है।

जेएसएलपीएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती रीता सिं ने बताया कि जिले में हर्बल गुलाल बनाने के लिए आवश्यक सभी कच्ची सामग्री आसानी से उपलब्ध है, जिससे महिलाओं को अतिरिक्त आय का अवसर मिल रहा है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ लोगों को स्वास्थ्यवर्धक और सुरक्षित होली खेलने का अवसर भी देगी। इस होली, रामगढ़ के लोग अपने जिले में निर्मित हर्बल गुलाल से प्राकृतिक और सुरक्षित रंगों के साथ त्योहार का आनंद ले सकेंगे।

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