महाजनी जुल्म विरोधी 1970 के जनांदोलन पर केंद्रित पुस्तक का लोकार्पण

नई दिल्ली। नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला-2025 में इफ़्तेख़ार महमूद द्वारा लिखित ‘महाजनी जुल्म विरोधी जनांदोलन’ पुस्तक का विमोचन स्वतंत्र प्रकाशन के स्टॉल पर सम्पन्न हुआ। पुस्तक मेले के तीसरे दिन हुए इस पुस्तक लोकार्पण समारोह में लेखक इफ़्तेख़ार महमूद झारखंड से पधारे थे। लोकार्पण समारोह में उपस्थित बुद्धिजीवियों को सम्बोधित करते हुए लेखक ने बताया कि आज़ादी के बाद से सत्तर के दशक तक वर्तमान रामगढ़ जिले में महाजनी जुल्म के विररुद्ध चले जन आंदोलन के गौरवशाली इतिहास पर पड़े वक्त की धूल को यह पुस्तक साफ करती है। यह किताब आज की पीढ़ी झारखण्ड की मिट्टी में शामिल शहीदों के लहू से परिचय करवाती है।

गौरतलब है कि बहुत कम समय में तथ्यों को जुटाकर लेखक ने इस विरल कार्य को पूर्ण किया है।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राम कृष्ण पंडा ने कहा कि यह किताब इतिहास की तहों में दबे बोंगई जनांदोलन की गौरवशाली गाथा को आज की पीढ़ी के सामने लाती है।

वामपंथी नेता डॉक्टर गिरीश ने कहा कि इस तरह की किताबों का प्रकाशन और प्रसार बहुत आवश्यक है।

प्रकाशक सुशील स्वतंत्र ने कहा कि उन जनक्रांतियों को कलमबद्ध करके प्रकाशित करना बहुत अहम कार्य है। यह जारी रहना चाहिए। जब लेखक कलम उठाने का काम छोड़ देंगे तो आंदोलनकरियों और श्रमिक नेताओं को ही लेखनकार्य का बीड़ा उठाना होगा, जैसा कि इफ़्तेख़ार महमूद जी ने किया है।

इस अवसर पर विवेक श्रीवास्तव, मोहम्मद मुस्लिम, जुल्फिकार अली खान, कुमार उदय राज़, शिल्पी ए., जामिया टीचर्स एसोसिएशन के प्रो. असिरुल हक़, एम.के. मोईन, रजिंदर सोनी आदि शामिल थे।

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