त्रिपुरा विधानसभा चुनाव  : माकपा ने खटखटाया चुनाव आयुक्त का दरवाजा 

त्रिपुरा चुनाव में असम, गुजरात पुलिस की तैनाती का है मामला

अगरतला।  त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रचार अभियान से कुछ घंटे पहले, विपक्षी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भाजपा पर एक गुप्त उद्देश्य के साथ राज्य में गुजरात और असम पुलिस को केंद्रीय अर्धसैनिक बल बताकर तैनात करने का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त का दरवाजा खटखटाया है।

माकपा ने आशंका व्यक्त की है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों की पुलिस को त्रिपुरा में चुनावी ड्यूटी पर तैनात किया गया है, जिनका उपयोग चुनाव के दिन सत्तारूढ़ पार्टी के निर्देश पर मतदान केंद्रों पर तैनाती के लिए किया जाएगा। माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य नीलोत्पल बसु ने चुनाव आयोग को लिखे एक पत्र में त्रिपुरा में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के बदले गुजरात और असम के पुलिस बलों की तैनाती पर चिंता व्यक्त की है। राज्य में 16 फरवरी को विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

पार्टी ने मांग की है कि राज्य में चुनाव में केवल केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती होनी चाहिए। पत्र में विशालगढ़ के एसडीपीओ राहुल दास को हटाने को लेकर निर्वाचन आयोग का ध्यानाकर्षित किया गया है, जो गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं और उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज है। पत्र में कहा गया है कि असम के मुख्यमंत्री त्रिपुरा में चुनावी अभियान चला रहे हैं और इसलिए राज्य में असम पुलिस की उपस्थिति चिंता का विषय है।

इसी प्रकार, देश के दूसरे कोने गुजरात से पुलिस की तैनाती को चुनाव परिणाम को प्रभावित करने वाले एक बाहरी कारक के रूप में देखा जा रहा है, इसलिए आपसे आग्रह है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य में केवल केंद्रीय बलों की ही तैनाती हो।

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