कुमाऊं की सबसे बड़ी बाखली को संरक्षित करने का निर्णय

नैनीताल।  उत्तराखंड सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में संस्कृति के संरक्षण के तहत रामगढ़ स्थित लगभग डेढ़ सौ साल पुरानी बाखली के संरक्षण की योजना बनायी है और इसके लिये 50 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है।

यह जानकारी नैनीताल के जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने दी। उन्होंने बताया कि पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे की अगुवाई में मंगलवार को हुई वर्चुअल बैठक में शासन की ओर से रामगढ़ ब्लाक के कुमाटी गांव स्थित बाखली के संरक्षण का निर्णय लिया गया। यह कुमाऊं मंडल की सबसे बड़ी और पुरानी बाखली है। माना जाता है कि इसे डेढ़ सौ साल पहले तैयार किया गया है।

कुमाऊं में बागली का श्रेय कत्यूर और चंद शासकों को जाता है। उन्होंने बताया कि शासन की ओर से इसके सौन्दर्यीकरण और इसे पुनर्जीवित करने के लिये धनराशि जारी कर दी गयी है। उन्होंने बताया कि इसके तहत जल्द ही क्राफ्ट म्यूजियम, ओपन थियेटर और स्थानीय खानपान को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जायेगा। बैठक में कुमाटी के ग्राम प्रधान ,पर्यटन विभाग के अधिकारी और जिला पंचायत के अलावा आरोही संस्था के सदस्य मौजूद रहे।

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