पहली बार होगा भारत-आसियान रक्षा मंत्री सम्मेलन, समुद्री सैन्य अभ्यास

नयी दिल्ली।  भारत एवं आसियान के बीच संवाद की 30 वीं वर्षगांठ के मौके पर पहली बार इन देशों के रक्षा मंत्रियों का सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है जबकि वर्ष 2023 की शुरुआत में भारत आसियान समुद्री सैन्य अभ्यास आयोजित किया जाएगा।

विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) सौरभ कुमार ने यहां उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की 19वीं आसियान भारत शिखर बैठक और पूर्व एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए कल से होने वाली कंबोडिया यात्रा की जानकारी देने के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी।

कुमार ने कहा कि  धनखड़ 11 से 13 नवंबर तक कंबोडिया की यात्रा पर रहेंगे। इस यात्रा के दौरान वह नोम पेन्ह में होने वाले 19वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 17 वें पूर्व एशिया सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

उप राष्ट्रपति के साथ विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी होंगे। उन्होंने बताया कि भारत-आसियान स्मारक सम्मेलन का आयोजन 12 नवंबर को दोनों पक्षों के द्विपक्षीय संबंधों के 30 वर्ष पूरा होने के अवसर पर किया जा रहा है। यह वर्ष आसियान-भारत मित्रता वर्ष के रुप में भी मनाया जा रहा है।

उपराष्ट्रपति 13 नवंबर को 17 वें पूर्व एशिया सम्मेलन में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में आसियान के 10 सदस्य देश ब्रुनेई, दारुस्सलाम, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलेशिया, म्यांमार, सिंगापुर, थाईलैंड, फिलीपींस और वियतनाम तथा आठ संवाद भागीदार भारत, चीन, जापान, कोरिया गणराज्य, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका और रूस हिस्सा लेंगे।

उन्होंने कहा कि भारत आसियान के संबंधों में इस वर्ष एक नया आयाम जुड़ने जा रहा है। बीस नवंबर को भारत एवं आसियान देशों के रक्षा मंत्रियों का सम्मेलन होगा जबकि अगले वर्ष की पहली तिमाही यानी मार्च के पहले भारत आसियान समुद्री सैन्य अभ्यास भी किया जाएगा।

हिन्द प्रशांत क्षेत्र को लेकर रणनीति में ये एक अहम पहल होगी। एक सवाल के जवाब में श्री कुमार ने कहा कि रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिन्द प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा होगी और आपसी सहयोग की रूपरेखा पर भी विचार विमर्श होगा।

हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ताईवान को लेकर चीन के आक्रामक रुख को आसियान भारत रक्षा सहयोग की यह पहल किस प्रकार से संतुलित करेगी।

कुमार ने कहा कि उपराष्ट्रपति के रूप में अपनी पहली विदेश यात्रा के दौरान  धनखड़ कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन सेन के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। वह कंबोडिया के राजा और राष्ट्रपति से भी मिलेंगे। वह सम्मेलन में भाग ले रहे अन्य विश्व नेताओं के साथ भी द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे।

वह नोम पेन्ह में प्रवासी भारतीय समुदाय के स्वागत समारोह में भी शिरकत करेंगे। लौटते समय धनखड़ कंबोडिया के धरोहर स्थल सियेम रीप भी जाएंगे। वह भारत के सहयोग से किये जा रहे इस धरोहर स्थल के संरक्षण और पुनरुद्धार कार्य की समीक्षा करेंगे।

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