बिजली दरों पर यूपीसीएल, नियामक आयोग और ऊर्जा मंत्रालय का जवाब तलब

नैनीताल। उच्च न्यायालय ने बिजली दरों में बढ़ो त्तरी के खिलाफ के मामले में यूपीसीएल, विद्युत नियामक आयोग एवं ऊर्जा मंत्रालय का जवाब तलब कर दिया है। जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है।

बृहस्पतिवार को यह जवाब तलब देहरादून के आरटीआई क्लब की एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूति मनोज तेवाड़ी एवं आरसी खुल्बे की संयुक्त खंडपीठ ने जारी किया है।

क्लब की ओर से कहा गया कि ऊ र्जा महकमा हर वर्ष विद्युत दरों में बढ़ोत्तरी करते आ रहा है। निगम की इस साल भी बढ़ोत्तरी करने की योजना है। इससे गरीबों पर अधिक आर्थिक बोझ बढ़ा रहा है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि निगम बिजली कनेक्शन लेते समय उपभोक्ताओं से सिक्योरिटी के तौर पर पैंसा जमा करवाता है। उपभोक्ताओं के इस धन की निगम एफडी ले लेता है।

एफडी से मिलने वाले व्याज का लाभ उपभक्ताओं को नहीं दिया जा रहा है। निगम ने यह पैंसा अपने घाटे को पूरा करने के लिए निकाल रहा है।

याचिका में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि सिक्योटिरी की रकम करीब सोलह सौ करोड़ के करीब है। जबकि निगम के पास अभी 27 लाख उपभोक्ता हैं।

निगम इसे निकाल नही सकता क्योंकि यह पब्लिक मनी है। याचिका में कहा गया है कि निगम इस एफडी के व्याज से बिजली बिलों में छूट दे सकता है। इसके अलावा बिजली के बिल हरेक माह जारी करने को कहा गया है।

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