सीएम से किया पुनर्विचार करने का आग्रह
देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने फिर सरकार पर निशाना साधा है। रावत ने सरकारी संस्थाओं को निजी हाथों में सौंपने के मामले में सरकार को निशाने पर लिया है।
सोशल मीडिया में पोस्ट डालकर उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकारी संस्थानों को निजी हाथों में सौपने की साजिश की जा रही है। रावत ने लिखा है कि एक बहुत चिंताजनक समाचार पढ़ने को मिला।
राज्य सरकार, ओम पर्वत, कैलाश और उस क्षेत्र की यात्राओं को प्राइवेट लोगों को सौंपने जा रही है। कुमाऊं मंडल विकास निगम से उसका संचालन लेकर उसे प्राइवेट लोगों को दिया जाएगा। उन्होंने कहा है कि इस तरह के कदम का सीधा अर्थ है कि कुमाऊँ मंडल विकास निगम को बंद करना।
रावत ने कहा है कि पहले कुमाऊँ मंडल विकास निगम कैलाश मानसरोवर की यात्रा संचालन करता था। था, शब्द इसलिए इस्तेमाल कर रहा हूं, क्योंकि सरकार का इरादा उन्हें लगता है कि पिथौरागढ$ से होकर के जाने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा को संचालित करने का नहीं है। तो फिर कुमाऊँ मंडल विकास निगम के पास क्या रह जाएगा। उन्होंने तंज कसा है कि 1—2 और ट्रैकिंग रूट्स हैं उनको भी कुमाऊँ मंडल विकास निगम से लेकर के प्राइवेट हाथों को दे दीजिए। रावत ने कहा है कि जिस समय इन संगठनों को और दायित्व काम देने की आवश्यकता है, उस समय इनसे काम छीनना गलत होगा। इसलिए मुख्यमंत्री को चाहिए कि इस पर फिर से विचार करें।