सतत विकास लक्ष्य पूरा करने की तैयारी के मामले में उत्तराखंड देश में तीसरे स्थान पर

सेंटर फॉर एनवायरनमेंट स्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरमेंट रिपोर्ट-2022

  • केरल पहले स्थान पर जबकि झारखंड और बिहार सबसे फिसड्डी साबित

देहरादून। सतत विकास लक्ष्य पूरा करने की तैयारी के मामले में उत्तराखंड देश में तीसरे स्थान पर है। जबकि देश में केरल इस मामले में पहले स्थान पर है। तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश दूसरे स्थान पर हैं जबकि तीसरे स्थान पर उत्तराखंड के साथ गोवा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश भी हैं।

दिल्ली में जारी सेंटर फॉर एनवायरनमेंट स्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरमेंट रिपोर्ट-2022 के मुताबिक झारखंड और बिहार ऐसे राज्य हैं जो इन लक्ष्यों की पूर्ति की तैयारी में देश में सबसे फिसड्डी साबित हुए हैं। केंद्र शासित प्रदेशों की बात करें तो चंडीगढ़ सतत विकास लक्ष्य पूरा करने की तैयारी के मामले में पहले स्थान पर है।

जिसके बाद यानी दूसरे पायदान पर दिल्ली, लक्षद्वीप और पुडुचेरी हैं। अंडमान निकोबार तीसरे स्थान पर है। बता दें कि बीते साल नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) इंडेक्स में राज्य तीसरा स्थान हासिल कर फ्रंट रनर राज्यों में शामिल है। ऊर्जा, शिक्षा की गुणवत्ता के साथ ही शांति, न्याय और संस्थाओं की मजबूती में राज्य ने अच्छा प्रदर्शन किया था।

एसडीजी इंडेक्स स्कोर में केरल ने 75 स्कोर लेकर पहला स्थान प्राप्त किया था। 74 स्कोर के साथ हिमाचल प्रदेश व तमिलनाडूु दूसरे और 72 स्कोर के साथ उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, गोवा और कर्नाटक तीसरे स्थान पर रहे हैं। 2019-20 की तुलना में 2020-21 में एसडीजी में उत्तराखंड का स्कोर 64 से बढ़कर 72 हो गया था।

स्कोर रैंकिंग में आठ की वृद्धि की बदौलत उत्तराखंड विकास कार्यों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्य में शुमार हो गया था। टाप-पांच में जगह बनाने में उत्तराखंड को कामयाबी दिलाने में ऊर्जा क्षेत्र की अहम भूमिका रही। हरित ऊर्जा के रूप में सौर ऊर्जा की दिशा में राज्य ने तेजी से कदम बढ़ाए हैं। प्रदेश ने लर्निंग आउटकम में सुधार हुआ है। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता अच्छी हुई है।

विद्यालयों में नामांकन में प्रदर्शन अच्छा है। गरीबी उन्मूलन, पोषण व खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, जेंडर, पेयजल व स्वच्छता, ऊर्जा और अक्षय ऊर्जा, ओवरआल ग्रोथ व पर्यटन, अवस्थापना व उद्योग, विसंगतियों में कमी, शहरीकरण, सतत उपभोग और उत्पादन, जलवायु परिवर्तन, वन व पर्यावरण और शांति, सुरक्षा और मजबूत संस्थाएं आदि में में राज्य ने इच्छाशक्ति दिखाई है।

तीन पायदान लुढक़ी दुनिया में भारत की रैंकिंग

सेंटर फॉर एन्वायरमेंट स्टेट ऑफ इंडियाज एन्वायरमेंट रिपोर्ट-2022 के मुताबिक 2015 में संयुक्त राष्ट्र के 192 देशों ने 17 सतत विकास लक्ष्य (सस्टेनेबल डेवलपममेंट गोल्स) को 22030 तक पूरा करने का संकल्प लिया था। तब से भारत 117वें रैंक से 12वें रैंक पर लुढ$क चुका है यानी तीन पायदान पीछे चला गया है।

भारत का स्कोर एसडीजी में 100 में से66 है। नई रैंकिंग नें भारत दक्षिण एशियाई देशों में केवल पाकिस्तान से ही आगे है। एशिया में भूटान 75वें, श्रीलंका 87वें, नेपाल 96 और बांग्लादेश 109 रैंक पर है।

भारत की रैंकिंग इसलिए गिरी है क्योंकि भुखमरी मुक्त ने, अच्छे स्वास्थ्य, बेहतर जीवन, लैंगिक समानता, टिकाऊ विकास वाले शहरों व समुदायों के मामले में भारत बहुत अच्छा नहीं कर पाया है। भारत में गुणवत्तापरक शिक्षा के मसले पर भी ठीक से काम नहीं हो पाया है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.